मिथुन लग्न: अस्त चंद्रमा के 12 भावों में प्रभाव व उपाय, Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Jyotish Updates. मिथुन लग्न में चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होता है, जो परिवार, वाणी, धन-संपत्ति, मूल्य और भोजन की आदतों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) हो जाता है (अर्थात सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है), तब उसकी प्राकृतिक शक्तियाँ कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक पक्ष और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है—यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्र किस भाव में स्थित है। अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव बढ़ाता है क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध है—जो बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह है—जबकि चंद्रमा भावनाओं का प्रतिनिधि है। Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Mai Prabhav aur Upay अस्त चंद्रमा क्या होता है? जब चंद्रमा सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तब उसे अस्त (Combust) कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की शक्ति कम हो जाती है, जिससे: भावनाओं की अभिव्यक्ति कमजोर होती है अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढती है आर्थिक अस...
कुंडली का गहराई से विश्लेषण, जानिए क्या फायदे होंगे कुंडली दिखवाने के, ज्योतिषीय मार्गदर्शन से भाग्योदय, कुंडली अनुसार जानिए सटीक उपाय जीवन को सँवारने के. Hindi Jyotish For Kundli Reading +91 989 369 5155 ज्योतिष में हम मानव जीवन पर सितारों, ग्रहों और खगोलीय पिंडो के प्रभावों का अध्ययन करते हैं. ९ ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू और केतु हमारे कुंडली में विभिन्न भावों में बैठकर जीवन के रहस्यों को बताते हैं जिसे ज्योतिष ही समझ सकता है. इनकी स्थिति, शक्ति का अध्ययन करके जीवन के बारे में अनुमान लगाया जाता है. इन्ही के कारण हर व्यक्ति का अचार-विचार, रहन सहन भी अलग होता है. पढ़िए hindi jyotish me raaj yog . पृथ्वी भी घूम रहा है, सूर्य भी घूम रहा है, हर ग्रह घूम रहे हैं. और इनके भ्रमण का असर मानव जीवन पर पड़ता है. इसी कारण जब ग्रह अपनी जगह बदलते हैं तो उसका सीधा असर हमे नजर आता है. इस बदलाव को ज्योतिष पहले से ही पता कर लेते हैं ग्रहों के अध्ययन से. ज्योतिष कुंडली अध्ययन के दौरान 5 बातो का विशेष ध्यान रखते है : कुंडली में ग्रह किस जगह बैठे हैं....