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Showing posts from May, 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…

Shukra Ka Mesh Rashi Me Pravesh Ka Prabhav

Shukra Ka Mesh Rashi Me Pravesh Ka Prabhav, जानिए कैसे रहेगा शुक्र का मेष राशि में प्रवेश ज्योतिष के अनुसार  आज शुक्र का प्रवेश मेष राशि में हो चुका है और इसके कारण बहुत से बदलाव लोगो में नजर आ सकते हैं. इससे पहले शुक्र मीन राशि में उच्च का था जिसके कारण लोगो को इसके बहुत फायदे हुए हैं.
परन्तु अब शुक्र मेष राशि में आ चूका है. शुक्र जातक के व्यक्तिगत जीवन, प्रेम जीवन, रोमांटिक जीवन को प्रभावित करता है और मंगल एक मेष राशी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, उर्जा का प्रतिनिधित्व करता है.
मेष राशी में शुक्र सम का होता है अतः कोई ज्यादा बुरा प्रभाव या बहुत अच्छा प्रभाव उत्पन्न नहीं करेगा. मेष राशी में शुक्र के आने के कारण लोग प्रेम के प्रति जुझारू हो सकते हैं, अपने काम के प्रति और समर्पित हो सकते हैं, अपने रोमांटिक जीवन में भी ज्यादा अपेक्षा रख सकते हैं.
शुक्र और मेष राशि की युति के कारण लोग नए सम्बन्ध बना सकते हैं और अपने साथी के साथ हर पल को मस्ती के साथ जी सकते हैं.
जीनके कुंडली में शुक्र ख़राब है अर्थात शत्रु राशि का है उनके लिए थोड़ी समस्या हो सकती है. ऐसे लोगो में कामुकता बढ़ सकती है जि…

Santan Prapti Saadhna

संतान प्राप्ति साधना, जानिए किस साधना से संतान प्राप्त की जा सकती है, कौन सी पूजा बच्चा पाने के लिए करे, कुंडली में संतान भाव के दोषों को कैसे दूर करे. जो साधना संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है उसे संतान प्राप्ति साधना कहा जाता है. स्वस्थ संतान की चाहत हर दंपत्ति की होती है, माता पिता बनना हर दंपत्ति की ख्वाहिश होती है. अगर सही समय पर संतान हो जाए तो ये बहुत ही भाग्य की बात है परन्तु बहुत से लोग ऐसे है जिनको संतान सुख नहीं मिलता है पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर, सारी क़ाबलियत होने पर भी.
ऐसे लोगो के कुंडली को देखने पर बहुत से कारण सामने आये हैं जैसे कुंडली में संतान भाव का दूषित होना, इसके कारण जातक को संतान होने में बहुत समय लग जाता है या फिर संतान स्वस्थ नहीं हो पाती है. कुछ दंपत्ति तो काले जादू के कारण भी संतान बाधा से ग्रस्त रहते हैं. कुछ महिलाओं में गर्भपात होता रहता है कमजोर ग्रहों के कारण.
अगर चिकित्सा करने पर भी दंपत्ति को कोई फायदा नहीं होता है तो ऐसे में अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए.
आइये अब जानते हैं संतान प्राप्ति साधना के बारे में :इस साधना कुंडली में मौजूद दोषों…

Shani Jayanti Ka Mahattw In Hindi

शनि जयंती का महत्त्व हिंदी मे, क्या करे शनि जयंती को सफलता के लिए, शनि पूजा का आसान तरीका. 

शनि देव का सम्बन्ध न्याय से है इसी कारण लोग साधारणतः शनि से डरते हैं. शनि जयंती एक विशेष दिन है जब लोग शनि की विशेष पूजा पाठ करते हैं ताकि शनि की कृपा प्राप्त किया जा सके. ये दिन विशेष महत्त्व रखता है इसिलिये भक्त शनि स्त्रोत, शनि मंत्र, शनि का अभिषेक करते हैं, हवन करते हैं , जरूरतों की मदद करते हैं. 
अंग्रेजी मे शनि को Saturn कहा जाता है, ज्योतिष के हिसाब से ये एक कठोर ग्रह है और इसका सम्बन्ध भूमि, लोहा, आन्तरिक शारीरिक अंग, काला रंग आदि से होता है. ये पश्चिम दिशा का स्वामी है.
ऐसी मान्यता है की शनि देव भागवाद सूर्य और माता छाया के पुत्र है.
ऐसी भी मान्यता है की शनि देव का जन्म ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को हुआ था इसी कारण हर साल लोग बड़े हर्षोल्लास से इसी दिन शनि जयंती मनाते हैं.  २०१७ मे शनि जयंती का महत्त्व : २०१७ मे शनि जयंती २५ मई को आ रहा है , इस दिन शनिवार है और दोपहर बाद रोहिणी नक्षत्र भी लग जाएगा. अतः ये दिन बहुत ख़ास हो जाता है उन लोगो के लिए जो शनि को खुश करना चाहते हैं. अगर कुंडली मे …

Kale Jadu Se Rokthaam Sambandhit Upaay

काले जादू को रोकने हेतु उपाय, कैसे बचाव करे काले जादू से, कैसे दूर करे नकारात्मक उर्जाओं को.
जो लोग किसी भी हालत में अपने कार्यो को करना चाहते है और जो लोग नकारात्मक दिमाग से जुड़े होते हैं, जिनका दिमाग शैतानी होता है वे लोग काले जादू का सहारा लेते हैं अपने कार्यो को पूरा करने हेतु. बहुत कम लोग जानते हैं की काले जादू का स्तेमाल प्रयोगकर्ता के जीवन को भी बर्बाद कर सकता है.
काले जादू से जो नुक्सान होता है उसकी भरपाई करना नामुमकिन हो जाता है. अतः इससे बचाव करना जरुरी होता है.
ऐसा कहा जाता है की “इलाज से अच्छा है बचाव करना ”. अतः अगर हम कुछ बातो का ध्यान रखे तो हम काले जादू से अपना बचाव कर सकते हैं. इस लेख में हम यही देखेंगे की कैसे काले जादू के प्रभाव से अपने आपको बचाएं.
कुछ लोग इस आधुनिक में काले जादू के अस्तित्व को नकारते हैं परन्तु जो इस मुसीबत में फंसता है उनको इसके प्रभाव के बारे में पता है.

Kale jadoo ka parinaam
क्या आप जानते हैं की काले जादू को करने के लिए कौन से वस्तुओं का स्तेमाल किया जाता है :मोम की गुडिया, घास की गुड़िया, या अन्य किसी चीज से बनाई हुई गुड़िया का प्रयोग किया जाता…

Mahalaxmi Ko Prasann Karne Ka Chamatkaari Mantra

Mahalaxmi Ko Prasann Karne Ka Chamatkaari Mantra, माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए चमत्कारी मंत्र, जानिए कैसे जपे लक्ष्मी मंत्र को. माता लाक्स्मीजी धन की देवी है, संपत्ति की दाता हैं, सम्पन्नता प्रदान करती है अपने भक्तो को. इसी कारण हर व्यक्ति इनको खुश करने के लिए विशेष प्रयास करता रहता है.
लाक्स्मीजी से सम्बंधित बहुत से मंत्र उपलब्ध है परन्तु आज मै आपको एक विशेष मंत्र के बारे में बता रहा हूँ जिसके परिणाम बहुत अच्छे और जल्दी मिलता हैं. 
किन स्थितियों में जपना चाहिए इस लक्ष्मी मंत्र को?अगर व्यापार में लगातार हानि हो रही है तो इस मंत्र का जप फायदा दे सकता है. अगर किसी को नौकरी नहीं मिल रही है तो इस लक्ष्मी मंत्र का जप सफलता के रास्ते खोल सकता है. अगर कोई व्यक्ति धन हीन है और अवसाद ग्रस्त हो रहा हो तो इस मंत्र से उसे बहुत लाभ हो सकता है. कब शुरू करे इस लक्ष्मी मंत्र का जप?नवरात्री के ९ दिन इस मंत्र का जप बहुत लाभ देता है. ग्रहण काल में भी इसका जप सिद्धि देता है. शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से भी इस मंत्र का जप शुरू किया जा सकता है. दिवाली की रात्रि को भी इसका जप किया जा सकता ह…

Kawach Kya Hote Hai Kab Kare Kawach Ka Paath

कवच क्या होते हैं, कब करना चाहिए कवच का पाठ, क्या फायदे है कवच के.
कवच के बारे में साधारणतः सभी ने सुना होगा, कुछ लोग कवच का पाठ रोज करते हैं, कुछ को ज्योतिष भी बोलते हैं पाठ करने को. जैसा की नाम से पता लगता है की ये हमारी सुरक्षा के लिए बनाया गया है. कवच का पाठ पढने वाले की बुरी शक्तियों से रक्षा करता है. कवच के प्रकार :कवच बहुत से देवी देवताओं के उपलब्ध है और जरुरत के हिसाब से कवच का पाठ लाभ देता है.दुर्गा कवच का पाठ माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ तरीका है.शिव अमोघ कवच से भगवान् शिव की कृपा प्राप्त की जा सकती है. भैरव कवच से भैरवजी की कृपा से मुसीबतों से मुक्ति पाई जा सकती है. श्री नारायण कवच द्वारा भगवान् विष्णु की कृपा को पाया जा सकता है. नरसिंह कवच से शत्रुओ द्वारा किये कराये को ख़त्म किया जा सकता है. काली कवच भी भक्तो की रक्षा करता है. विभिन्न देवी देवताओं के अलग अलग कवच मौजूद है. आइये जानते हैं कवच के पाठ से क्या फायदे हैं?कवच का पाठ रोज करने से बुरी शक्तियों से रक्षा होती है. कवच के पाठ से ग्रह दोषों से भी बचा जा सकता है. कवच के पाठ से अपने अन्दर के भय को भी दूर…

Dhan Laabh Hetu Ghantakarn Mantra

धन लाभ हेतु घंटाकर्ण मंत्र, धन की समस्या हेतु चमत्कारी मंत्र, जीवन में धन को आकर्षित करने हेतु मंत्र.
घंटाकर्ण महावीर के अनेको मंत्र हैं जो की बहुत प्रसिद्ध है और प्रभावशाली भी हैं. ऐसा माना जाता है की घंटाकर्ण महावीर जी अपने भक्तो को बुरी शक्तियों से बचाते हैं और सफलता के रास्ते खोल देते हैं.
घंटाकर्ण जी के भक्तो के लिए कुछ भी असंभव नहीं होता है.
अगर किसी को धन की अत्यधिक कमी हो तो यहाँ पर एक ख़ास मंत्र दिया जा रहा है घंटाकर्ण जी का, इस मंत्र का लगातार जप व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने में मदद करता है. स्वास्थ्य सम्पन्नता लाता है.
ये मंत्र जातक को गरीबी से बचाता है, आय के स्त्रोत खोलता है जिससे की व्यक्ति सफल जीवन जी सके.
ये मंत्र सम्पन्नता को आकर्षित करता है.
ये मंत्र जीवन में खुशियाँ लाता है.
आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते घंटाकर्ण मंत्र को जपने के लिए:इसे कमलगट्टे की माला में जपे धन लाभ हेतु. इस मन्त्र का जप उत्तर दिशा की और मूंह करके करे. जप करने के समय आसन होना चाहिए.जप से पहले घंटाकर्ण जी के मूर्ती या फोटो के आगे धुप, दीप भोग लगाना चाहिए. आइये अब जानते हैं घंटाकर्ण जी के मंत्…