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Showing posts from February, 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Surya Grahan Dosh Ko Janiye Jyotish Me

कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष को जानिए, कैसे बनता है सूर्य ग्रहण योग, क्या प्रभाव होता है सूर्य ग्रहण दोष का जीवन पर, क्या करे सूर्य ग्रहण दोष के प्रभाव को कम करने के लिए. लोग विभिन्न प्रकार के प्रश्न करते हैं सूर्य ग्रहण को लेके जैसे –क्या सूर्य ग्रहण व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है?क्या सूर्य ग्रहण काम काजी जीवन को प्रभावित करता है ?क्या सूर्य ग्रहण प्रेम जीवन को प्रभावित करता है ?क्या सूर्य ग्रहण वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है ?क्या इसके कारण काले जादू से भी ग्रस्त हो सकते हैं ?क्या कोई तरीका है जिससे सूर्य ग्रहण के परेशानियों से छुटकारा मिल सके ?अतः ऐसे बहुत से प्रश्न हैं जो की लोग पूछते हैं जिनके कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष होता है. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे सूर्य ग्रहण हमारे जीवन को प्रभावित करता है, कैसे जियें सफल जीवन. आइये जानते हैं सबसे पहले की क्या होता है सूर्य ग्रहण योग? राहू या केतु की युति जब सूर्य के साथ होती है तो सूर्य ग्रहण योग का निर्माण होता है कुंडली में. ये कोई शुभ योग नहीं है और इसी कारण जातक के जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है. समस्या कितनी और कैसी रहेगी, य…

Chandra Grahan Dosh Ko Janiye Jyotish Me

कुंडली में चन्द्र ग्रहण दोष को जानिए, कैसे बनता है चन्द्र ग्रहण योग, क्या प्रभाव होता है चन्द्र ग्रहण दोष का जीवन पर, क्या करे चन्द्र ग्रहण दोष के प्रभाव को कम करने के लिए.
लोग विभिन्न प्रकार के प्रश्न करते हैं चन्द्र ग्रहण को लेके जैसे – क्या चन्द्र ग्रहण व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है?
क्या चन्द्र ग्रहण काम काजी जीवन को प्रभावित करता है ?
क्या चन्द्र ग्रहण प्रेम जीवन को प्रभावित करता है ?
क्या चन्द्र ग्रहण वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है ?
क्या इसके कारण काले जादू से भी ग्रस्त हो सकते हैं ? क्या कोई तरीका है जिससे चन्द्र ग्रहण के परेशानियों से छुटकारा मिल सके ?
अतः ऐसे बहुत से प्रश्न हैं जो की लोग पूछते हैं जिनके कुंडली में चन्द्र ग्रहण दोष होता है. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे चन्द्र ग्रहण हमारे जीवन को प्रभावित करता है, कैसे जियें सफल जीवन.
आइये जानते हैं सबसे पहले की क्या होता है चन्द्र ग्रहण योग? राहू या केतु की युति जब चन्द्रमा के साथ होती है तो चन्द्र ग्रहण योग का निर्माण होता है कुंडली में. ये कोई शुभ योग नहीं है और इसी कारण जातक के जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है. समस्या…

Vedic Jyotish Me 9 Grah

वैदिक ज्योतिष में ९ ग्रह, ग्रहों का सम्बन्ध जानिए ज्योतिष के हिसाब से.
ज्योतिष में ९ ग्रह होते हैं जो की हैं – सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू, केतु. हमारे पुरे जीवन पर इन ९ ग्रहों का प्रभाव रहता है, ये ९ ग्रह कुंडली के विभिन्न भावों पर बैठे रहते हैं और जीवन को प्रभावित करते हैं. कोई भी अच्छा ज्योतिष कुंडली को पढ़ के जीवन के बारे में जान सकता है.
इस ज्योतिषीय लेख में हम इन ९ ग्रहों के बारे में जानेंगे. हम ये भी जानेंगे की ये ग्रह जीवन के कौन से विषयो से जुड़े हैं.
आइये जानते हैं ज्योतिष में ९ ग्रहों के बारे में:
१.    सूर्य ग्रह और ज्योतिष :
सूर्य का सम्बन्ध आत्मा से है, शक्ति से है, नाम, यश से है, ये अग्नि से भी सम्बन्ध रखता है, धैर्य, सम्बन्ध, उच्च अधिकारी वर्ग, गुस्सा, बुढ़ापा, पिता, ज्ञान, पवित्रता, गंजापन, आँखों, पहाड़ी इलाके, ताम्बा, सोना, यात्रा आदि से भी सम्बन्ध रखता है.
अतः इन सब विषयो को जानना हो तो कुंडली में सूर्य की स्थिति, शक्ति, दृष्टि आदि को देखा जाता है.
२.    चन्द्र ग्रह और ज्योतिष :
चन्द्रमा का सम्बन्ध भोजन, चांदी, शंख, जल, कपडे, घी, तेल, नींद, बुधीमत्ता, कफ…

Din Aur Nakshatra Jyotish Me In Hindi

ज्योतिष में दिन और नक्षत्रो को जानिए हिंदी में, क्या महत्त्व है नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानने का, मूल नक्षत्र को जानिए. 
 ज्योतिष एक समुद्र हैं और इसके तह तक जितना जाने की कोशिश करेंगे उतने ही नए चीजो के बारे में ज्ञान मिलता जाएगा. इसी कारन ये एक जीवन भर सिखने योग्य विषय है. इस पाठ में हम जानेगे दिन और नक्षत्रो के बारे में. नक्षत्र वास्तव में तारा समूह को कहा जाता है जो की हमारे जीवन पर गहरा असर छोड़ते हैं. हर नक्षत्र का अपना स्वामी होता है. इस पाठ में हम नक्षत्रो के स्वामी के बारे में भी जानेंगे. साथ ही हम जानेंगे मूल नक्षत्रो के बारे में.  एक सप्ताह में ७ दिन होते हैं और ये हैं – रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और इनके स्वामी है सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि.  इसी प्रकार कुल २७ नक्षत्र होते हैं जैसे अश्विनी, भरनी, कृतिका रोहिणी आर्द्र आदि और इनके अपने स्वामी होते हैं.  आइये जानते हैं नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानने का महत्त्व :  एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न हमारे दिमाग में आता है की नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानना क्यों जरुरी है…

Paksh Aur Tithiyo Ko Janiye Jyotish Me In Hindi

पक्ष और तिथियां क्या है ज्योतिष में, ज्योतिष सीखे, तिथियों के स्वामी कौन हैं जानिए हिंदी में. 

ज्योतिष जानने वालो के लिए पक्ष और तिथियों की जानकारी अती महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि महत्त्वपूर्ण कार्यो को करने के लिए महुरत निकालने में इनका उपयोग होता है.
आइये जानते हैं पक्ष और तिथियों के बारे में :
भारतीय ज्योतिष के हिसाब से कोई भी महिना २ पक्षों में विभाजित रहता है और हर पक्ष में १५ दिन होते हैं और हर पक्ष में १५ तिथियाँ भी होती हैं.
२ पक्ष निम्न हैं :
१. शुक्ल पक्ष – अमावस्या के दुसरे दिन से पूर्णिमा तक के दिन शुक्ल पक्ष में आते हैं.
२. कृष्ण पक्ष – पूर्णिमा के दुसरे दिन से अमावस्या तक के दिन कृष्ण पक्ष में आते हैं.

आइये अब जानते हैं तिथियों के बारे में:
प्रतिपदा, ये किसी भी पक्ष का पहला दिन होता है जिसे एकम भी कहते हैं.
द्वितीय, ये किसी भी पक्ष का दूसरा दिन होता है जिसे दूज भी कहते हैं.
तृतीया, ये किसी भी पक्ष का तीसरा दिन होता है जिसे तीज भी कहते हैं.
चतुर्थी, ये किसी भी पक्ष का चौथा दिन होता है जिसे चौथ भी कहते हैं.
पंचमी, ये किसी भी पक्ष का पांचवा दिन होता है
षष्ठी, ये किसी भी पक्ष का छठ…

Dhan Prapti Ka Jyotishiy Rahasya

धन प्राप्ति का ज्योतिषीय रहस्य, धन प्राप्ति के कुछ रहस्य, धन प्राप्ति में आने वाले बाधा, ग्रह किस प्रकार से धन प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करते हैं, कैसे प्राप्त करे महा लक्ष्मी की कृपा.
इस कलयुग में धन की महिमा अपार है, धन ही वैभवपूर्ण जीवन जीने का मूल आधार है. अगर किसी के पास आर्थिक शक्ति है तो वह एक आसान जीवन जीना का ख़ोज लेता है. एक ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीना सभी की ख्वाहिश होती है परन्तु कुछ ही लोग अपने इस सपने को साकार कर पाते हैं. इस लेख में हम जानेगे कुछ ऐसे नुस्खे जिनसे की धन प्राप्त करने में सहायता मिलती है. हम धन प्राप्ति में समस्या उत्पन्न करने वाले ग्रहों के बारे में भी जानेंगे.
लोग जीवन भर धन प्राप्ति के लिए कर्मकांड करते रहते हैं. कुछ लोग श्री यन्त्र प्रयोग करते हैं, कुछ कुबेर यन्त्र, कुछ लक्ष्मी यन्त्र, कुछ धन प्राप्ति के टोटके अपनाते हैं, कुछ हवन करते हैं माता को प्रसन्न करने के लिए. इन सब के बावजूद कुछ लोग जिन्दगी भर ऋण से मुक्त नहीं हो पाते हैं, आर्थिक संकट बना रहता , दरिद्रता से जूझते रहते हैं.
अब ये प्रश्न दिमाग में आता है की क्या ये यन्त्र धोखा हैं, क्या लक्ष्मी मंत्र स…

Panchang Ke Prakaar Jyotish Me in Hindi

पंचांग के प्रकार, फ्री ज्योतिष पाठ ४ , जानिए चन्द्र मास के बारे मे, सौर पंचांग, नक्षत्र केलेंडर, इस्लामिक महीने.  पूर्व के पाठो मे हमने देखा ज्योतिष क्या है, महीनो को वैदिक भाषा मे क्या कहते हैं, राशियों का रहस्य आदि. इस ज्योतिषीय पाठ मे हम जानेंगे पंचांग के प्रकार, मुस्लिम महीनो के बारे मे. 
ज्योतिष मे समय की जानकारी होना जरुरी होता है क्यूंकि अनेको कार्यो को करने के लिए विभिन्न महुरतो की जरुरत होती है. पंचांग को सूर्य, चन्द्रमा , ग्रहों के चाल के आधार पर बनाया जाता है. ये कई प्रकार के होते हैं.
मुख्यतः पंचाग ४ प्रकार के होते हैं: १.कुछ पंचांग चन्द्रमा के आधार पर बनाए जाते हैं.  २.कुछ पंचांग सूर्य के चाल के आधार पर बनाए जाते हैं.  ३.कुछ पंचांग नक्षत्रो के आधार पर बनाए जाते हैं.  ४.कुछ पंचांग धरती के आधार पर बनाए जाते हैं.  आइये अब जानते हैं महीनो के बारे में :

Jyotish Sikhiye Bhaag 3- 12 Rashiyan

ज्योतिष मे राशियों का बहुत महत्त्व है क्यूंकि हर व्यक्ति की एक राशी होती है जो की उस व्यक्ति के स्वाभाव को प्रभावित करती है. अतः किसी के राशी को जानकार हम उसके स्वभाव और व्यक्तित्त्व के बारे मे जान सकते हैं.
आइये जानते है की कैसे जाने किसी के राशी को ? किसी के राशी को जानने के लिए उसकी कुंडली बनाना जरुरी है, राशी को अंग्रेजी मे zodiac कहते हैं. सबसे पहले ये देखिये की चन्द्रमा कौन से भाव मे बैठा है और वह पे कौन सा अंक लिखा है. हर अंक एक राशी को बताता है. जो अंक चन्द्रमा के साथ होगा वही उस व्यक्ति की राशि होगी. उदाहरण के लिए अगर चन्द्रमा अंक ४ के साथ बैठा हो तो राशी होगी कर्क.  आइये अब जानते है कौन सा अंक कौन से राशी से सम्बन्ध रखता है : १-मेष राशी २-वृषभ राशि  ३-मिथुन राशी ४-कर्क राशी  ५-सिंह राशी  ६-कन्या राशी ७-तुला राशी ८-वृश्चिक राशी ९-धनु राशी १०-मकर राशी ११-कुम्भ राशी १२-मीन राशी 
आइये अब जानते हैं १२ राशियों के बारे मे : १.मेष राशी – ये पहली राशी है और १ से 30 डिग्री तक का स्थान राशी चक्र मे इसका होता है. ये भेद जैसी दिखती है जिस प्रकार भेद लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहता है उसी प्रक…

Jyotish sikhiye Bhaag 2- Mahino Ko Janiye

पिछले पाठ मे हमने देखा ज्योतिष क्या है और इसका महत्त्व क्या है. इस ज्योतिष के पाठ मे हम जानेंगे महीनो के बारे मे और ग्रहों से सम्बंधित कुछ जानकारियां. 
चन्द्र मॉस के हिसाब से १२ महीने होते हैं जिसकी गणना शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से की जाती है.  सूर्य मास के हिसाब से भी १२ महीने होते हैं जिसकी गणना मेष संक्रांति से होती है अर्थात जब सूर्य मेष राशि मे प्रवेश करता है उस समय से.  आइये अब जानते है १२ महीनो के नाम : चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठा, आशाद, श्रवण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन.  आइये अब जानते हैं इन महीनो के वैदिक नाम : मधु, माधव, शुक्र, शुची, नभ, नमस्य , इश, उर्ज, सह, शस्य, तप तपस्या  आइये अब जानते हैं कुछ ग्रहों के बारे मे:  ज्योतिष के हिसाब से 7 तो मुख्य ग्रह है और 2 छाया ग्रह है, इनके नाम है – सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू, केतु . आइये अब जानते हैं की कौन से ग्रह की क्या हेसियत होती है: सूर्य को ग्रहों के रजा के रूप मे मान्यता प्राप्त है.  चन्द्र को रानी के रूप मे लिया जाता है. मंगल को सेनापति के रूप मे जानते हैं.  बुध को कुमार के रूप मे …

Jyotish Lesson 1 In Hindi

||श्री गणेशाय नमः ||ॐ गुरु ॐ || ऐसा कहा जाता है की ज्योतिष वेदों की आँखे है इसी कारन इस विषय का बहुत महत्त्व है. वैदिक ज्योतिष भारतीय संस्कृति का एक मुख्य भाग है. ज्योतिष द्वारा हम हमारे जीवन मे पड़ रहे ग्रहों के प्रभावों को जान सकते हैं, हम अपने जीवन के बारे मे अनेक बातो को जान सकते हैं. आज के युग मे ज्योतिशो की एक फ़ौज सी कड़ी हो गई है पुरे विश्व मे परन्तु इसे सीखना इतना भी सरल नहीं है जितना की ये दीखता है. सिर्फ वही ज्योतिष सही मार्ग दिखा सकता है जिसके पास अच्छा अनुभव हो और जिसे इस विषय का गहराई से अनुभव हो. आज के युग मे लोग इसे सिर्फ धन कमाने के लिए सीख रहे हैं और इसिलिये ज्यादा गहराई से नहीं जान पाते हैं. न ही वो खुद इस विद्या का लाभ ले पाते हैं और न ही दुसरे इससे लाभान्वित हो पाते हैं.
इसी कारण लोगो का विश्वास इससे हट रहा है. ज्योतिष एक पवित्र विषय है और अगर इसे सही तरीके से प्रयोग मे लिया जाए तो कोई भी सुख और शांति से जीवन जी सकता है. हमारे जीवन के हर पहलु पर ग्रहों का प्रभाव होता है इसिलिये ज्योतिष के बिना हम जीवन की नहीं कर सकते हैं.
आज के तारीख मे एक और अजीब सा दृश्य नजर आ रहा …

Chandra Tantra Totka Vyapaar Vriddhi Ke Liye

चन्द्र तंत्र टोटका व्यापार वृद्धि के लिए, जानिये चन्द्र तंत्र का प्रयोग व्यापार बाधा हटाने के लिए, कैसे करे चन्द्र तंत्र का प्रयोग, किन बातो का ध्यान रखे इस प्रयोग में. 
अगर आप व्यापारी है और अपेक्षित परिणाम नहीं पा रहे हैं तो चन्द्र तंत्र का प्रयोग आपके लिए है.
अगर आपको व्यापार में लगातार हानि हो रहा है तो आप चन्द्र पूजा के द्वारा लाभ ले सकते हैं.
अगर आपको अपने व्यापार को चलाने में समस्या आ रही है कुंडली में ख़राब चन्द्रमा के कारण तो ये प्रयोग बदल सकता है आपका जीवन. 
कौन जातक कर सकता है चन्द्र तंत्र का प्रयोग? कोई भी व्यापारी जो की शाकाहारी हो, इमानदारी से अपना व्यापार बढान चाहते हो, पवित्रता से जीवन व्यापन करना चाहते हो वो चन्द्र प्रयोग द्वारा अपने व्यापार को बढ़ा सकते हैं और लाभ ले सकते हैं. 

क्या फायदे हो सकते हैं चन्द्र तंत्र प्रयोग के?चन्द्र तंत्र टोटके के प्रयोग से व्यापार में से रोक हटता है. व्यापार में मुनाफा बढ़ने के योग बनते हैं. इस प्रयोग द्वारा व्यापार से नकारात्मक उर्जा का असर हटता है. साधक को अपने व्यापार में धीरे धीरे लाभ होने लगता है. अगर व्यापर पर कर्ज हो तो वो भी हट…