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Showing posts from September, 2015

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi, राधा अष्टमी का महत्तव , कौन है राधाजी, क्या करते हैं भक्त राधा अष्टमी को, ज्योतिषीय महत्तव जानिए राधा अष्टमी का.
राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णाजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं.
हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.
इस साल ये पवित्र दिन 21 सितम्बर को आ रहा है. 
आइये जानते हैं कौन है राधाजी?
राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भी बुलाते हैं. कृष्णा के प्रति अपने अतुल्य प्रेम के कारण राधाजी ने पुरे ब्रह्माण्ड में अपना एक विशेष स्थान बनाया है. बनारस उनकी जन्मस्थली है.
ब्रजधाम, बरसाना, मथुरा, वृन्दावन, आदि में राधा अष्टमी का उल्लास देखते ही बनती हैं.राधाजी को लाक्स्मीजी का अवतार भी माना जाता है.
आइये जानते हैं राध…

Jyotish Dwara Kam Kare Jokhim Ko

Jyotish Dwara Kam Kare Jokhim Ko, ज्योतिष के द्वारा जोखिम को कम कर सकते हैं, जीवन में मौजूद जोखिम, ज्योतिष कैसे मदद करता है परेशानियों को कम करने में?
अगर कोई पूछे की “क्या ऐसा कोई गणित है जिसके द्वारा जीवन के रहस्यों को जाना जा सके ” तो ये कहने में कोई झिझक नहीं है की एक ऐसा विषय है भारत में जिसके के द्वारा जीवन के रहस्यों को जानने में मदद मिलती है और वो है “वैदिक ज्योतिष” .ये भारत के महान संतों द्वारा प्रदान किया गया एक अनुपम उपहार है जो की दशको से स्तेमाल होता रहा है विद्वानों द्वारा.
वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत ग्रहों को और उनकी स्थितियों को पढ़ा जाता है, ग्रहों के एक दुसरे से संबंधो को देखा जाता है, उन समयों को जाना जाता है जो की अच्छे है या बुरे हैं. 
ज्योतिष कुंडली का अध्ययन करके ये जानते हैं की जीवन में मौजूद समस्याओं का कारण क्या है, किसी भी कार्य को करने में जोखिम कितना हो सकता है और जोखिमो को कम करने के क्या तरीके हो सकते हैं. 
ये एक कड़वा सच है की भाग्य हमारे द्वारा किये कार्यो द्वारा ही बनता है, हमारे वर्तमान जीवन का कारण है हमारे भूतकाल में किये गए कार्य और हमारे भविष्य के लि…

Rudrabhishek Pooja Ka Mahattw In Hindi

Rudrabhishek Pooja Ka Mahattw In Hindi, रुद्राभिषेक पूजा का महत्तव, क्यों करे रुद्राभिषेक, सावन में रुद्राभिषेक पूजा का महत्तव.
पूजन के दौरान भगवान् का अभिषेक करना हिन्दुओ के अन्दर बहुत ही महत्त्व का माना जाता है और पूरी दिनिया में लोग अभिषेक करते है स्वास्थय और सम्पन्नता के लिए. 
क्या होता है अभिषेक ? अभिषेक का मतलब होता है भगवान् के मूर्ति पर दूध, शहद, घी, जल आदि डालना मंत्रो के साथ. ऐसा माना जाता है की ये भगवान् को खुश करने का सबसे अच्छा तरीका है.  भगवान् शिव को रूद्र भी कहा जाता है और उनका अभिषेक जब विशेष स्त्रोत पाठ के द्वारा किया जाता है या विशेष मंत्रो के साथ किया जाता है तो उसे “रुद्राभिषेक” कहा जाता है. 
शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए साधारणतया रूद्र सूक्त या रुद्रम का पाठ किया जाता है, इसी को रुद्राभिषेक कहा जाता है. पाठ करते हुए शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र सामग्रियां डाली जाती है. रुद्राभिषेक में प्रयोग होने वाली वस्तुएं : इस पूजा में पवित्र वस्तुओ का प्रयोग होता है और इन वस्तुओ को स्वास्थ्यवर्धक भी कहा जाता है. जैसे की गाय का दूध, गाय के दूध का घी और दही, शहद, गन्ने का रस, विभि…