Skip to main content

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Rahu Ketu Rashi Badlega 7 March 2019 Ko

राहू और केतु का राशी परिवर्तन २०१९ में, जानिए क्या प्रभाव होगा १२ राशियों पर.

7 मार्च,२०१९, दिन गुरुवार ज्योतिष में रूचि रखने वालो के लिए ख़ास है क्यूंकि इस दिन राहू और केतु अपनी राशि परिवर्तन करेंगे और इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा.

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से ये दो ग्रह काफी लम्बे समय बाद राशि परिवर्तन करते हैं और इसका असर भी जीवन में लम्बे समय तक रहता है. राहू और केतु के कारण कुछ जातको को अचानक से लाभ होगा तो कुछ लोगो को गंभीर हानि होती है.
hindi jyotish me rahu aur ketu ke rashi parivartan ka asar 2019
Rahu Ketu Rashi Badlega 7 March 2019 Ko

कौन से राशि में जायेंगे राहू और केतु ७ मार्च २०१९ को:

राहू कर्क राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेगा और केतु मकर राशि से धनु राशि में आ जायेंगे ७ मार्च को जिसका असर हर व्यक्ति पर अलग अलग होगा. ये इन राशि में २२ सितम्बर २०२० तक रहेंगे.
राहू और केतु का प्रभाव जीवन में बहुत अजीबोगरीब होता है, ये दोनों वक्री ग्रह है और छाया ग्रह भी हैं.  ये ग्रह धन, ऐश्वर्या, उपरी हवा, अध्यात्म, अचानक बदलाव से जुड़े हैं अतः भविष्यवाणी करने में इनका अध्ययन करना जरुरी होता है. पढ़िए अशुभ राहू के उपाय .........

आइये जानते हैं की १२ राशियों पर क्या असर हो सकता है हिंदी ज्योतिष अनुसार:

  1. मेष राशि-

  2. वृष राशि-

  3. मिथुन राशि-

  4. कर्क राशि-

  5. सिंह राशि-

  6. कन्या राशि-

  7. तुला राशि-

  8. वृश्चिक राशि-

  9. धनु राशि-

  10. मकर राशि-

  11. कुंभ राशि-

  12. मीन राशि-

Read in engish about aftereffects of Rahu and ketu Rashi change in 2019.....

तो ऊपर हमने देखा की कौन से राशि पर क्या असर होगा, अगर आपके कुंडली में राहू और केतु ख़राब है तो आपको अति सावधानी रखना होगा. अच्छे ज्योतिष को कुंडली दिखा के सही उपाय करे.



Effects of rahu and ketu transit 2019, राहू और केतु का राशी परिवर्तन २०१९ में, जानिए क्या प्रभाव होगा १२ राशियों पर.

Comments

Popular posts from this blog

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए. ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. आखिर में क्या है कला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को पूज के अपना गलत स्वार्थ सिद्ध किया जाता है. करने व…

Santan Prapti Yoga Kundli Mai In Hindi

कुंडली में संतान प्राप्ति योग, कुंडली में कैसे जाने संतान सुख के बारे में, क्या करे स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए ज्योतिष के अनुसार, संतान प्राप्ति में बाधा और समाधान ज्योतिष द्वारा. Santan yoga in kundli, hindi jyotish to know about santan problems remedies. जीवन में विवाह उपरान्त संतान का होना एक महात्वपूर्ण घटना होती है, ये पति और पत्नी को एक नई दृष्टि प्रदान करती है और जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है. ऐसे बहुत से लोग है जो संतान सुख से वंचित है और संतान प्राप्ति के लिए खूब जातन करते हैं परन्तु सफल नहीं हो पा रहे हैं.

इसका कारण ज्योतिष द्वारा पता लगाया जा सकता है. कुंडली हमारे जीवन का आइना है अतः इसके द्वारा हम बहुत कुछ जान सकते हैं. कुंडली में 12 भाव होते हैं और सभी अलग अलग विषय से जुड़े है जिनका अध्यन कई रहस्यों से पर्दा उठा देता है जो की उन्सुल्झे है. संतान नहीं होने के कारण भी ज्योतिष द्वारा जाना जा सकता है.  इस लेख में संतान समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्यों आती है है समस्याए संतान प्राप्ति में, क्यों होता है गर्भपात , कैसे प्राप्त करे स्वस्थ संतान.

जीवन…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke. 
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के कारण: देखा जाए तो मूल में कमजोरी ही इसका कारण है जिसके कारण भरी काम करते हुए ऐसा होता है.  1.नवजात शिशुओं में भी ये समस्या बहुत साधारण है. 2.…