Pitra Moksha Amavasya 2026 Date, पितृ मोक्ष अमावस्या का महत्तव, क्या है सर्वपितर अमावस्या, कैसे प्राप्त करे पितरों की कृपा, श्राद्ध अमवस्या की तारीख क्या है 2026 में . Pitra Moksha Amavasya 2026: हर साल हिन्दू लोग 16 दिन तक विशेष पूजा पाठ करते हैं अपने पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए, ये सोलह दिन श्राद्ध पक्ष कहलाते हैं, पितर पक्ष कहलाते हैं , कुछ जगह पर इसे महालय भी कहते हैं. भारतीय संतो ने ये दिन निकाले थे जिससे की लोग अपने जीवन को सुखमय कर सके और अपने साथ साथ अपने पूर्वजो का कल्याण भी कर सके. पितृ पक्ष की समाप्ति पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ होती है. सन 2026 में 10 October Shaniwar को श्राद्ध अमवस्या का दिन होगा | पितृ मोक्ष अमावस्या वास्तव में ये हमारा कर्त्तव्य है की हम अपने पूर्वजो को पितरो को समय समय पर याद करे और उनकी कृपा के लिए उनका धन्यवाद दे. क्यूंकि हम इस सुन्दर धरती पर अगर है तो उनके कारण. हिन्दू शाश्त्रो में पितरो को पूजने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं जिससे की लोग सुखी और संपन्न जीवन जी सके. हिन्दू पंचांग के हिसाब से आश्विन माह में ये सोलह दिन आते हैं ज...
Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka, बारिश मे स्वस्थ रहने के तरीके, मानसून के दिन में कैसे रखे ख्याल अपना.
भीषण गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है तो सभी उसका आनंद उठाना चाहते हैं परन्तु जब लगातार बारिश होना शुरू होती है तो वातावरण में बहुत बदलाव होते हैं और ऐसे में बहुत सावधानी की जरुरत होती है स्वस्थ रहने के लिए. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे बारिश के दिनों में अपने आप को स्वस्थ रखे.
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| Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka |
मानसून के दिनों में कभी कभी सूर्य के दर्शन भी नहीं होते हैं और वातावरण में कई प्रकार के बैक्टीरिया का जन्म होता है जिससे विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं जैसे खुजली, दाद, खाज, बुखार, जुखाम, पेट के रोग, पाचन समस्याएं आदि. अतः ये जरुरी है की हम समस्याओं के कारणों को समझे और सही कदम उठाये ताकि बारिश के मौसम में स्वस्थ रहकर आनंद उठा सके.
आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते जिससे हम रहेंगे स्वस्थ और स्फूर्तिवान:
- अगर आप भीग जाए तो ज्यादा देर तक भीगे कपडे न पहने, ऐसा होता है की बारिश का आनंद उठाने के लिए हम भीगे कपड़ो में घूमते रहते हैं जो की खतरनाक हो सकता है. इससे दाद, खाज, खुजली हो सकती है.
- अपने बालो को ज्यादा देर तक भीगे न रखे , इससे सर्दी जुखाम हो सकता है और बाल भी रूखे हो सकते हैं.
- रोज असली नारियल के तेल से मालिश करे , अगर भीग जाए तो शारीर पोछ कर आपको नारियल का तेल लगा लेना चाहिए , इससे आप तरोताजा महसूस करेंगे.
- नहाने के पानी में डेटोल दाल के नहाए.
- बारिश के दिनों में पानी भी दूषित होता है जिससे कई प्रकार के पेट के रोग उत्पन्न हो जाते हैं अतः शुद्ध जल स्तेमाल करे, उबाल कर पानी पियें या फिर आर.ओ. का पानी पियें.
- पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है बारिश में , ऐसे में तैलीय खाने से बचे, हल्का खाएं ताकि स्वस्थ रह सके.
- विभिन्न प्रकार के रोगाणुओं के कारण कई प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं अतः एंटी बैक्टीरियल साबुन या फेस वाश का प्रयोग करे.
- खाने के बाद निम्बू पानी पीना शुभ रहेगा या फिर निम्बू चाते.
- वातावरण में नमी बढ़ जाती है बारिश के दिनों में जिससे त्वचा भी तैलीय हो जाती है जल्दी जल्दी ऐसे में दिन में तीन बार चेहरा धोना चाहिए.
- ज्यादा टाइट कपडे न पहने, इससे त्वचा रोग हो सकते हैं.
- अगर आप नॉन वेज खाने के शौक़ीन है तो बारिश के दिनों में सावधानी बरते क्यूंकि बिमारी हो सकती है. अतः अच्छी और विश्वसनीय जगह से ही मांस, मछली आदि ख़रीदे.
Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka, बारिश मे स्वस्थ रहने के तरीके, मानसून के दिन में कैसे रखे ख्याल अपना.

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