Skip to main content

30 june 2020 ko Guru In Dhanu Rashi


Jupiter Transit In Sagittarius on 30th june 2020, Prediction by astrologer in hindi.

गुरु अपनी नीच राशी से स्व राशी में प्रवेश कर चूका है ३० june 2020, मंगलवार को और ये काफी अच्छे बदलाव करने वाला है | अब 20 नवम्बर शुक्रवार तक ये धनु राशी में रहेंगे जिसके कारण देश विदेश में बड़े परिवर्तन नजर आयेंगे |
30 june 2020 ko Guru In Dhanu Rashi
30 june 2020 ko Guru In Dhanu Rashi
गुरु ग्रह का सम्बन्ध ज्ञान से है, विद्द्या से है, मार्गदर्शन से है , धन से भी है| अगर कुंडली में गुरु शुभ हो जाए तो जातक को सभी प्रकार के सुखो की प्राप्ति करा देता है वहीँ अगर शत्रु का हो जाए तो जातक को कष्टों से युक्त जीवन जीना होता है |
यहाँ पर विशेष बात ये है की गुरु वक्री अवस्था में है इस समय अतः परिणाम भी काफी बदले हुए नजर आयेंगे | कई बार सोचा कुछ जाएगा और होगा कुछ |

आइये सबसे पहले जाने की धनु राशी वालो के साथ क्या क्या हो सकता है गुरु के इसमें प्रवेश करने पर:

धनु राशि राशिफल

धनु राशी वालो को अब अपने लम्बे समय से चले आ रहे संकतो से निजात मिलेगी. रुके हुए कार्य पुरे होंगे, धनागमन के रास्ते खुलेंगे | आपको नए अवसर मिलेंगे अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए | जो कुंवारे हैं उनके लिए अब विवाह के योग बनेंगे | जो लोग किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं उनको भी सफलता मिलने के अच्छे योग बनेंगे | इस समय आप देखेंगे की आपके अन्दर शोध करने और सिखाने की प्रवृत्ति बढ़ जायेगी | अगर कुंडली में गुरु शुभ और शक्तिशाली है तो आप ऐसा भी देखेंगे की आपके अन्दर अहंकार भी बढेगा अतः थोडा सावधानी भी रखे अन्यथा हानि हो सकती है |
  1. मेष राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    गोचर कुंडली में गुरु मेष राशी से नवे भाव में होगा जो की भाग्य का स्थान है, इससे आपको काफी लाभ होने वाला है , अगले कुछ महीनो आप भाग्य को अपने साथ पायेंगे | आपको पिता से लाभ होने की संभावना बढ़ेगी, आपके संपर्क बढ़ेंगे, आप अपनी उर्जा को नए प्रकार से प्रयोग करके कुछ नया कर पायेंगे |
  2. वृषभ राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    गोचर कुंडली में गुरु vrishabh rashi से आठवें भाव में रहेगा जिसके कारण अगर आप किसी रोग से लम्बे समय से पीड़ित है तो उससे निकल पायेंगे, अगर कोई चिंता आपको खा रही है तो आप उससे भी बाहर आ पायेंगे | आपके धन संग्रह करने के योग भी मजबूत होंगे |
  3. मिथुन राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    मिथुन राशी से गुरु सातवें भाव में रहेगा जो की व्यापार, पार्टनर, विवाह आदि से जुड़ा है अतः आपको अपने साथी के साथ वक्त गुजरने का मौका मिलेगा | जो कुंवारे हैं उनको जीवन साथी मिलने के योग बनेंगे | अगर आप व्यापार करते हैं तो उसे भी बढाने के प्लान्स आप तैयार कर पाएयंगे |
  4. कर्क राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    गुरु कर्क राशी से छठे भाव में बैठे हैं अतः अगर आप किसी बीमारी या लीगल मामलो में फंसे है तो उससे बाहर आने के योग बनेंगे | खर्चे बढ़ सकते हैं परन्तु फिर भी कही न कही आपको मजबूती देखने को मिलेगी |
  5. सिंह राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    सिंह राशी से से गुरु पांचवे घर में रहेगा जिसके कारण आपको संतान होने के योग बनेंगे, आपको संतान पक्ष से ख़ुशी मिल सकती है, साथ ही अचानक से कोई बड़ा लाभ मिल सकता है | आपको लव लाइफ में भी एक पॉजिटिव चंगे नजर आ सकता है | अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको निश्चित ही सफलता मिलने वाली है |
  6. कन्या राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    गुरु कन्या राशी से चौथे घर में है जिसके कारन आपको पारिवारिक सुखो में वृद्धि दिखने को मिल सकती है | आप प्रॉपर्टी में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं | अगर आपके माता का स्वास्थ्य खराब चल रहा हो लम्बे समय से तो आपको इस समय सुधर नजर आएगा | साथ ही कामकाजी जीवन में भी आपको मजा आने लगेगा |
  7. तुला राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    तुला राशी से गुरु तीसरे घर में होगा जिसके कारण आप अपनी शक्ति को एक बेहतर तरीके से प्रयोग कर पायेंगे | आपके यात्राओं के योग भी बन सकते हैं काम काज को लेके | अपने भाई बहनों के साथ भी आप एक बेहतर सम्बन्ध बना पायेंगे |
  8. वृश्चिक राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    वृश्चिक राशी से गुरु दुसरे घर में होगा जिसके कारण आप अपने व्यापार से लाभ कमा पाएंगे और साथ ही उसे बचा भी पायेंगे| हो सकता है आप इस समय कोई लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करे |
  9. मकर राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    मकर राशी से गुरु बारहवें घर में होगा जिसके कारण आप इस समय यात्राओं में खर्च कर सकते हैं, धार्मिक कार्यो में खर्च कर सकते हैं | आप संपत्ति भी खरीद सकते हैं परन्तु आपको सावधान रहने की आवश्यकता है | अगर आप किसी क़ानूनी कार्यवाही में है तो संभल कर रहे |
  10. कुम्भ राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    कुम्भ राशी से गुरु ग्यारहवें भाव में है जिसके कारण आय के स्त्रोत खुलेंगे, जो भी कार्य आप कर रहे हैं उसमें आपको गति नजर आएगी | अगर आप कुछ सिख रहे हैं तो बेहतर तरीके से उसे सीख पायेंगे | और अपने हुनर का स्तेमाल आप इस समय नए अंदाज में कर पाएंगे |
  11. मीन राशिफल, गुरु के धनु राशी में आने से :

    मीन राशि से गुरु दसवें भाव में होगा जिसके कारण आपको रोजगार में बढ़ोतरी नजर आएगी | अगर आप बेरोजगार है तो आपको नौकरी मिल सकती है, अगर आप व्यापारी है तो आपका व्यापार बढेगा | जो लोग पढ़ाई कर रहे हैं उनको भी गुरु का साथ मिलेगा और बेहतर परिणाम निकाल पाएंगे |
इस प्रकार देखा जाए तो गुरु का स्व राशि में आना काफी हद तक शुभ परिणामो में वृद्धि करेगा | इस समय सभी को नकारात्मक और से बहार आने में मदद मिलेगी | परन्तु गोचर कुंडली को अगर आप देखे तो गुरु और राहू में दृष्टि सम्बन्ध बन रहा है जिसके कारण प्राकृतिक आपदाएं और संशय की स्थिति बनने के पूर्ण असार बने रहेंगे |

अब जिनके कुंडली में गुरु अति शुभ है उनको तो अनेक प्रकार के शुभ परिणाम दिखेंगे परन्तु जिनके कुंडली में गुरु अशुभ है उन्हें भी घबराने की जरुरत नहीं क्यूंकि गोचर का शुभ गुरु आपको भी कुछ न कुछ शुभ फल जरुर देगा |



Jupiter Transit In Sagittarius on 30th june 2020, Prediction by astrologer in hindi.

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog , pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. Suar Ke Daant Ke Totke सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए : इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो

om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw

om kleem krishnaya namah benefits in hindi, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र के लाभ और अर्थ, ॐ क्लीं नमः का जाप कैसे करे, क्लीं बीज का रहस्य वशीकरण मंत्र ॐ क्लीं कृष्णाय नमः का रहस्य.  क्लीं बीज मंत्र काली देवी से संबंधित है और बहुत शक्तिशाली है। इस मंत्र के जाप से एक दिव्य आभा और आकर्षण शक्ति विकसित होती है जो दैवीय ऊर्जाओं के साथ-साथ भौतिक सुखों को आकर्षित करने में मदद करती है।  श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं और महान व्यक्तित्व, प्रेम, ज्ञान और बुद्धि के प्रतीक हैं। om kleem krishnaay namah mantra ka mahattw " ॐ क्लीं कृष्णाय नमः " एक अद्भुत मंत्र है जो जप करने वाले को सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है और इसलिए भक्तों द्वारा दशकों से इसका उपयोग किया जाता रहा है। यह मंत्र देवी दुर्गा के साथ-साथ कृष्ण की भी शक्ति रखता है और इसलिए यह उन सभी के लिए एक दिव्य मंत्र है जो जीवन में जल्द ही सफलता चाहते हैं। "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" एक शक्तिशाली मंत्र है जो आंतरिक आध्यात्मिक ऊर्जा का आह्वान करता है जिसका लगातार जप किया जाता है इसलिए जो लोग आध्यात्मिक विकास चाहते हैं उनके लिए

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है.  84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे : श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे. श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास. श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पास श्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर. श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास. श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर. श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया