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Shani Ki Drishti 2020 Me in Hindi Jyotish

शनि साड़े साती २०२० , शनि ढैय्या का असर किन राशियों पर रहेगा, शनि पीड़ा से मुक्ति के उपाय, कैसे करे शनि देव को खुश, ज्योतिष द्वारा कुंडली विवेचन.

शनि जहाँ अच्छे कर्मो के परिणाम स्वरूम अपने भक्तो को कृपा पात्र बना लेते हैं वहीँ उनके बुरे कर्मो के लियर दण्ड देने से भी नहीं चूकते इसीलिए जनसाधारण में उनके लिए भय देखने को मिलता है. सही मायने में देखा जाए तो शनि देव एक न्यायप्रिय देवता है. 
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Shani Ki Drishti 2020 Me in Hindi Jyotish

जीवन में कष्ट और सुख के समय को जानने के लिए जन्म पत्रिका में शनि का अध्ययन जरुरी होता है. शनि पत्रिका के कौन से घर में बैठा है, उसकी दृष्टि कहा पर है, शनि की स्थिति क्या है आदि का अध्ययन देखा जाता है ज्योतिष द्वारा.

ज्योतिष में शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है और और ये एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं क्यूंकि इनकी चाल बहुत धीरे है.

शुभ शनि सादे साती के दौरान जहाँ शुभ फल प्रदान करते हैं वहीँ शुभ शनि जातक को खूब लाभ प्रदान करते हैं. कुछ लोग सादे साती के दौरान घोर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट से निकलते हैं. 

आइये जानते हैं की गोचर अनुसार शनि साड़े साती और धैया कैसे निर्धारित होता हैं ज्योतिष में ?

  1. शनि गोचर में जिस राशि में होगा उससे दूसरी और बारहवे राशि पर साड़े-साती  का प्रभाव रहेगा. उदाहरण के लिए अगर शनि गोचर में धनु राशि में है तो मकर और वृश्चिक राशि पर साड़े साती का पूर्ण असर दिखाई देगा.
  2. दूसरी और जिन राशियों से वो चौथे और आठवें राशि में होगा, वे राशियाँ शनि की ढैय्या प्रभाव में होंगी. उदाहरण के लिए अगर शनि गोचर में धनु राशि में हो तो कन्या और वृषभ राशि पर ढैय्या दिखाई देगा.
नये साल में २४ जनवरी, शनिवार को, अमावस्या को शनि धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिसका विभिन्न राशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ेगा. इस साल शनि ग्रह 24 जनवरी को धनु राशि से अपनी स्वराशि मकर में गोचर करेगा। इसके साथ ही इसी वर्ष 11 मई से 29 सितंबर तक यह मकर राशि में ही वक्री होगा और 27 दिसंबर को अस्त। धनु और मकर राशि में पहले ही शनि साढ़े साती का प्रभाव चल रहा था। अब कुंभ राशि के लिए साढ़े साती का पहला चरण भी शुरू हो जाएगा।
वर्ष 2020 में किन राशियों पर शनि की दृष्टि रहने वाली है :
  • वर्ष 2020 में धनु, मकर एवं कुंभ, वृश्चिक राशि वालो पर शनि की साढ़ेसाती से प्रभावित रहेंगे। इसमें वृश्चिक राशी वाले १७ मार्च से साड़े साती से मुक्त होंगे.
  • वर्ष 2020 में वृषभ, मिथुन, कन्या राशि वाले शनि की ढैय्या से प्रभावित रहेंगे। इसमें कन्या राशी वाले १७ मार्च से ढैय्या से मुक्त हो जायेंगे.

आइए जानते हैं साल 2020 में किस राशि पर साड़े साती और ढैय्या का प्रभाव रहेगा?

चुनिए अपनी राशी और जानिए शनि की स्थिति :





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  • जानिए कौन से ग्रहों का साथ आपको मिल रहा है. 
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Read in english about Rashifal 2020 in english by astrologer>>
राशिफल 2020 vedic ज्योतिष के अनुसार, क्या कहते हैं नए साल के सितारे, वर्षफल, जानिए नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और पारिवारिक जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी, पढ़िए ग्रहों की चाल के बारे में ।

आइये शनि पीड़ा से मुक्ति के उपाय जानते हैं ज्योतिष में :


  1. शनि देव को प्रसंन्न करने के लिए शनिवार के दिन उन्हें तेल चढ़ाना चाहिए और पीपल के पेड़ की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए और उनकी परिक्रमा करनी चाहिए ।
  2. शनिवार को काले कपडे, काले तिल का दान, शमी के पेड़ की पूजा और चमड़े के जूते-चप्पल का दान करना भी शुभ माना गया है।
  3. शनि की शान्ति पूजा करवानी चाहिए. 
  4.  प्रत्येक शनिवार छाया दान करें। (लोहे की कटोरी में तेल भरकर उसमें अपना मुख देखकर उस तेल को कटोरी सहित दान करें).
  5. ८ शनिवार ८ बादाम शनि मंदिर में चढ़ाएं।
  6. शनिवार को लोहे का तवा दान करे.
  7.  प्रत्येक शनिवार सवा किलो काले चने, सवा किलो उड़द, काली मिर्च, कोयला, लोहा, काले वस्त्र में लपेटकर दान करें, सरसों का तेल भी जरूरतमंद को दान कर सकते हैं.।
  8. प्रत्येक शनिवार चींटियों को शकर मिश्रित आटा डालें।
  9. प्रतिदिन पीपल में जल चढ़ाएं।
  10.  प्रतिदिन स्नान के जल में काले तिल डालकर स्नान करें।
  11. रोज यथा शक्ति "ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:" का जाप करें।
  12. कुंडली में अगर शनि ख़राब हो तो साढ़ेसाती व ढैय्या की अवधि में काले व नीले वस्त्र धारण ना करें।

इस प्रकार २०२० में शनि साड़े साती और ढैय्या की जानकारी www.jyotishsansar.com के पाठको के लिए दी गई है, इसका लाभ उठायें.

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