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ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Chaitra Navratri 2019 Jyotish

जैसा की हम सब जानते है की नवरात्री के 9 दिन बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं, साधना के लिए, मनोकामना पूर्ण करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए. हालांकि साल के सभी नवरात्री महत्त्वपूर्ण और शक्तिशाली होते है परन्तु २०१९ की नवरात्री ख़ास है क्यूंकि इस बार चैत्र नवरात्री 6 अप्रैल, शनिवार से शुरू होके १४, रविवार को पुष्य नक्षत्र तक रहेगा.अगर कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहते है तो उन्हें जरुर माताजी की साधना करना चाहिए इन दिनों मे.
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Chaitra Navratri 2019 Jyotish

चैत्र महिना हिन्दू पंचांग के हिसाब से पहला महिना होता है इसिलिये भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्री का पहला दिन होता है. ये दिन गुडी पडवा और चेटी चंड के रूप मे भी मनाया जाता है. चैत्र नवरात्री का नौवा दिन राम नवमी के रूप मे भी मनाया जाता है. 
ये गर्मियों के दिन की शुरुआत का संकेत भी है अतः हमे साधना द्वारा शक्ति हासिल करना चाहिए जिससे की हम बदलते हुए वातावरण को पचा सके और स्वस्थ रह सके. 
नवरात्री के 9 दिन भक्त देवी के अलग अलग रूपों की पूजा करते है. 

आइये अब जानते है की इस चैत्र नवरात्री के दौरान कौन कौन से मुख्य दिन आ रहे है :

  1. घट स्थापना ६ अप्रैल  को होगा 
  2. सौभाग्य सुंदरी व्रत ८ अप्रैल को है.
  3. विनयकी चतुर्थी ९ अप्रैल को है. 
  4.  राम राज्योत्सव १० अप्रैल को है.
  5. महा अष्टमी/दुर्गा अष्टमी  १३, शनिवार को है, इसी दिन पुष्य नक्षत्र भी रहेगा जिससे अष्टमी का महत्त्व और बढ़ जाएगा.
नवरात्री मे साधक गण मुख्यतः दुर्गा शप्तशती का पाठ करते है और माता के मंत्रो का जप करते है अलग अलग कामनाओं की पूर्ति हेतु. 
इन 9 दिनों मे वातावरण दिव्य हो जाता है, हर तरफ माता की शक्ति का प्रभाव महसूस किया जा सकता है. 

आइये अब देखते है चैत्र नवरात्री २०१९ मे ग्रहों की स्थिति क्या रहेगी :

सूर्य अपने मित्र राशि में रहेंगे जिससे साधना के लिए उपयुक्त वातावरण बनेगा. 
गुरु भी अपने स्वराशी में बैठे होंगे जो की अध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ योग बनाएगा. 
शुक्र मित्र राशि के साथ गोचर में रहेंगे जिससे भौतिक सुख सुविधा के लिए भी माता की आराधना का शुभ समय रहेगा. 
गुरु, शनि और केतु साथ में रहेंगे गोचर कुंडली में जिससे की साधना के दौरान साधको को कुछ अड़चने भी पार करने होंगे.
अतः इन योगो के कारण समय बहुत अच्छा है जब हम अपने मनोकामना को पूर्ण करने के लिए माता की कृपा प्राप्त कर सकते है.


आइये अब जानते है की चैत्र नवरात्री २०१९ मे हम क्या प्राप्त कर सकते है माता की कृपा से :

  • अगर कुंडली मे ग्रह योगो के कारण समस्या आ रही है तो भी हम इस नवरात्री मे इससे बहार आने के लिए पूजा कर सकते है. 
  • अगर कुंडली मे चंडाल योग, ग्रहण योग आदि हो तो भी माता की कृपा से उससे मुक्ति पाई जा सकती है. 
  • अगर कोई किसी दुष्ट शक्ति से ग्रस्त है तो तो उससे मुक्ति पा सकता है. 
  • अगर कोई काले जादू, टोना आदि से ग्रस्त है तो भी इससे मुक्ति पा सकता है. 
  • हम माता की शक्ति को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. 
  • ये 9 दिन उन लोगो के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है जो लोग कुंडलिनी जागरण साधना करते हैं. 
  • हम स्वस्थ और संपन्न जीवन के लिए साधना कर सकते हैं. 
  • जिनको आर्थिक परेशानी है वो भी माता से कृपा प्राप्त कर सकते हैं. 
  • रिद्धि –सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं. 
  • भौतिक सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं. 
  • हम अपने प्रेम जीवन, पारिवारिक जीवन, वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं. 

आइये जानते हैं चैत्र नवरात्री के समय क्या क्या सावधानी रखना चाहिए :

  1. किसी का दिल न तोड़े, किसी की बददुआ मत लीजिये.
  2. किसी भी महिला का अपमान मत कीजिये.
  3. अगर आप सात्विक साधना कर रहे हैं तो मांसाहार न करे, अल्कोहल न ले और किसी भी प्रकार का नशा न करे.
  4. देर रात किसी पार्टी में न जाएँ.
  5. सड़क पर पड़े किसी उतारे के ऊपर से न जाए. 
  6. मैथून न करे इन 9 रातो में.
  7. किसी भी प्रकार के काले जादू का प्रयोग न करे और न करने के लिए किसी को प्रेरित करे.
  8. किसी भी शक्ति का किसी के हानि के लिए प्रयोग न करे.
  9. हम साधना द्वारा अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, स्वस्थ, संपन्न जीवन जी सकते हैं, बाधाओं को दूर कर सकते हैं. तो करे साधना इस चैत्र नवरात्र में.
अतः बिना समय गंवाए सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य अनुसार पूजन, पाठ , भजन साधना करना चाहिए.



सभी को JYOTISHSANSAR.COM की तरफ से शुभकामनाये.

जानिए चैत्र नवरात्री २०१९ के बारे में हिंदी ज्योतिष में, chaitra navratri ka mahattwa in hindi, kya kare.

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