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Showing posts from July, 2018

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…

Mangla Gauri Puja Kya Hai

Mangla Gauri Puja Kya Hai, क्यों करे मंगला गौरी पूजा, क्या फायदे हैं मंगला गौरी पूजा के, मंगला गौरी व्रत महिमा.
श्रवण महीने के हर मंगलवार को एक विशेष पूजा का दिन होता है जब कुंवारी कन्याये अपनी मनोकामनाए पूर्ण करने के लिए पूजन कर सकती है. ये दिन होता है माँ मंगला गौरी को पूजने का जो की वास्तव में माँ पार्वती ही हैं. 
शिवजी के महीने में हर मंगलवार माँ पार्वती की पूजा के लिए होता है और जिन कन्याओं को विवाह में समस्या आ रही है या जो अच्छा वर चाहती है वो श्रवण मंगलवार को मंगला गौरी की पूजन करती है. 
माँ पार्वती शिवजी की अर्धांगिनी है और अपने भक्तो की मनोकामना को पूरा करने के लिए सदेव तत्पर रहती है इसी कारण प्राचीनकाल से कन्याये माँ गौरी की पूजा करती आ रही है. 
कैसे किया जाता है माँ मंगला गौरी की पूजा : इस पवित्र और शक्तिशाली दिन को कन्याये जल्दी उठकर अपने दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होके माँ गौरी की मूर्थी या फोटो के आगे संकल्प लेती है की वो किस मनोकामना के लिए ये पूजा या व्रत कर रही है. 
माँ गौरी की पंचोपचार पूजन किया जाता है और उनको फूल, फल, दीप, नैवेद्य, आदि भेंट किया जाता है. देश के कुछ …

Bhay Se Kaise Chutkaara Paaye Jyotish Ke Madhyam Se

भय क्या है, क्यों लगता है डर, कैसे बाहर आयें डर से, जानिए ज्योतिषीय उपाय डर से बाहर आने के लिए.

भय हमारे जीवन में बहुत रुकावट पैदा करता है, हम बहुत से निर्णय इसीलिए नहीं ले पाते है क्यूंकि डर लगता है. भय एक ऐसा कीड़े की तरह है जो की शारीर में रहके अन्दर से खाता जाता है. डर एक धीमा जहर जैसे हमारे ऊपर असर डालता है अतः ये बहुत जरुरी है की हम इससे जल्द से जल्द बाहर आयें.
इस ज्योतिषीय लेख में हम जानेंगे की भय से कैसे छुटकारा पायें और कैसे जीयें बेहतरीन जीवन. भय क्या है ? मेरे हिसाब से भय एक प्रकार का नकारात्मक अह्सास है जो की हमे किसी काम को अच्छी तरह से करने से रोक देता है. भय के कारण व्यक्ति अंतर्मुखी हो जाता है और धीरे धीरे अवसादग्रस्त भी हो जाता है. अतः किसी भी प्रकार के भय को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.


read more about अपने डर को कैसे जीतें शानदार जीवन के लिए आइये जानते हैं की कैसे भय से छुटकारा पाया जा सकता है ज्योतिषीय उपायों द्वारा?डर से बाहर आने के लिए डर को समझना जरुरी होता है और फिर हमे अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना होता है, अपने शक्तियों को जानना होता है.दूसरा तरीका है की हनुमान कवच ध…

Shani Pushya Ka Mahattwa In Jyotish

शनि पुष्य योग का महत्त्व हिंदी में, कैसे बनता है शनि पुष्य योग, क्या करे शनि पुष्य को , क्या न करे शनि पुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए. 
शनि पुष्य योग एक दुर्लभ योग है जो कभी कभार ही बनता है अतः इस दिन का प्रयोग विशेष पुजायो और टोटको को करने के लिए किया जा सकता है शनि देव को प्रसन्न करने के लिए. हम सभी जानते हैं की पुष्य नक्षत्र बहुत ही महत्त्व रखता है २७ नक्षत्रो में. 
जब पुष्य नक्षत्र शनिवार को आये तो वो दिन “शनि पुष्य योग ” कहलाता है.
वर्ष 2018 में 14 july को शनि पुष्य योग बन रहा है जिससे इस दिन का महत्व्  बहुत बढ़ जाता है क्यूंकि पुष्य का स्वामी है शनि अतः इस दिन हम शनि की शक्ति को बहुत अधिक महसूस कर सकते हैं. 
आइये अब जानते हैं शनि पुष्य योग के महत्त्व को : ये दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ दिन है. अगर कोई शनि साढ़े साती से या फिर शनि ढईया से ग्रस्त है तो इस दिन शनि शांति पूजा से विशेष लाभ मिल सकता है. इस दिन शनि देव का सरसों के तेल या फिर तिल के तेल से अभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होता है और परेशानियों से छुटकारे के रास्ते खुलते हैं. शनि पुष्य को जरुरतमंदों …

Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka

Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka, बारिश मे स्वस्थ रहने के तरीके, मानसून के दिन में कैसे रखे ख्याल अपना. भीषण गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है तो सभी उसका आनंद उठाना चाहते हैं परन्तु जब लगातार बारिश होना शुरू होती है तो वातावरण में बहुत बदलाव होते हैं और ऐसे में बहुत सावधानी की जरुरत होती है स्वस्थ रहने के लिए. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे बारिश के दिनों में अपने आप को स्वस्थ रखे.
मानसून के दिनों में कभी कभी सूर्य के दर्शन भी नहीं होते हैं और वातावरण में कई प्रकार के बैक्टीरिया का जन्म होता है जिससे विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं जैसे खुजली, दाद, खाज, बुखार, जुखाम, पेट के रोग, पाचन समस्याएं आदि. अतः ये जरुरी है की हम समस्याओं के कारणों को समझे और सही कदम उठाये ताकि बारिश के मौसम में स्वस्थ रहकर आनंद उठा सके. आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते जिससे हम रहेंगे स्वस्थ और स्फूर्तिवान:अगर आप भीग जाए तो ज्यादा देर तक भीगे कपडे न पहने, ऐसा होता है की बारिश का आनंद उठाने के लिए हम भीगे कपड़ो में घूमते रहते हैं जो की खतरनाक हो सकता है. इससे दाद, खाज, खुजली हो सकती है. अपने बालो…

Jivika Sadhan Aur Jyotish

ज्योतिष से जानें जीविका के रहस्य, क्या होगा जीविका क्षेत्र, ज्योतिष की राय: जानें, किस रोजगार में भाग्य देगा साथ, आईये जाने जीविका प्राप्ति के योग ज्योतिष.
कुंडली में भाव अनुसार रोजगार जानिए ज्योतिष में: जीविका साधन का जीवन में बहुत महत्त्व है, सही जीविका मिल जाए तो जीवन आसान हो जाता है परन्तु गलत जीविका चुनने से कई परेशानियाँ जीवन में आने लगती है और सही सफलता भी नहीं मिल पाती है. ज्योतिष में कुंडली के ग्रहों को देखके सही रोजगार को चुनने में सहायता मिलती है. इस लेख में हम देखेंगे की ज्योतिष में रोजगार को कैसे जाना जा सकता है विभिन्न तरीको से.  आइये देखते हैं की कुंडली का दसवां भाव से रोजगार या जीविका को कैसे जाना जा सकता है:जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी लग्न में बैठे तो जातक कड़ी मेहनत करने में सक्षम होता है और खुद की मेहनत से जीवन में सफलता प्राप्त करता है. ऐसे लोग व्यापार चला के सफल जीवन व्यतीत कर सकते हैं. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के दुसरे घर में बैठे तो जातक भाग्यवान होता है और वो किसी भी साधन को चुनके सफलता प्राप्त कर सकता है. ऐसे में ये भी देखा गया है की जातक …

Kale Jadu Ka Parinaam

Kale Jadu Ka Parinaam, जानिए क्या होता है जब किसी पर काला जादू का प्रयोग होता है, जानिए क्या अंतर है कला जादू और सकारात्मक पूजाओ में. 

काले जादू का क्या परिणाम होता है? इन दिनों काले जादू से सम्बंधित बहुत सी खबरे सुनने को मिल रही है | ऐसे बहुत से लोग है जो की अपने इच्छाओं की पूर्ति हेतु किसी भी हद तक जाने को तैयार होते हैं बिना ये जाने की उसका परिणाम बाद में क्या हो सकता है| कुछ लोग दुसरो को नियंत्रित करना चाहते हैं, कुछ लोग दुसरो को नुक्सान पहुचाना चाहते हैं, कुछ लोग मन पसंद साथी के साथ काम क्रीड़ा करना चाहते हैं, कुछ नौकरी में उन्नति चाहते हैं, कुछ समाज में सम्मान चाहते आदि. अपेक्षाओं का तो कोई अंत नहीं है परन्तु जब ये अपेक्षाएं पागलपन की हद तक बढ़ जाती है और अहंकार के साथ जुड़ जाती है तो व्यक्ति अपने इच्छाओ को पूरा करने के लिए कोई भी कदम उठा लेता है.  देखा जाए तो पूर्ण रूप से स्वार्थी व्यक्ति काले जादू का प्रयोग करने से नहीं चुकता है अपने इच्छाओ को पूरा करने के लिए.  आइये जानते हैं काले जादू का परिणाम: काले जादू को अलग अलग नामो से जाना जाता है विश्व के अलग अलग स्थानों में जैसे वुडू म…