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ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Chandra Grahan Ka Mahattwa In Hindi

Chandra Grahan Ka Mahattwa In Hindi, क्या करे चन्द्र ग्रहण के समय, क्या न करे ग्रहण के समय, जानिए कैसे बनाए जीवन को सुखी ग्रहण काल में.
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ग्रहण देखा जाए तो ठीक नहीं माना जाता है विज्ञान के हिसाब से क्यूंकि इस समय हानिकारक किरणे निकलती है जिससे की वातावरण दूषित होता है और जो लोग इसके संपर्क में ज्यादा आते हैं उनको कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. अतः ये सलाह दी जाती है की ग्रहण काल में बहार ना निकला करे.
परन्तु इसका एक दूसरा बहुत ही अच्छा पक्ष है और वो ये की ग्रहण काल में की गई साधना शीघ्र फल प्रदान करती है, मंत्र सिद्धी, यन्त्र सिद्धी, तंत्र सिद्धी के लिए इससे ज्यादा अच्छा समय नहीं होता है. यही कारण है की विद्वान् लोग, तांत्रिक, मान्त्रिक और अन्य साधक ग्रहण का इन्तेजार लम्बे समय तक करते हैं.
वैदिक ज्योतिष के हिसाब से चन्द्र का सम्बन्ध माता से होता है, मन से होता है, ठंडक से होता है, स्वप्न से होता है आदि. कर्क राशि का स्वामी है चन्द्र और चांदी इससे सम्बंधित धातु है.
देखा जाए तो चन्द्र का सम्बन्ध भावना से बहुत ज्यादा होता है इसी कारण जिनके कुंडली में चन्द्र खराब हो या कमजोर हो वो लोग भावनात्मक समस्याओं से ग्रस्त नजर आते है, बीमारियों से ग्रस्त नजर आते हैं आदि.

चन्द्र ग्रहण के समय क्या करना चाहिए ?

  • विद्वानों के हिसाब से ग्रहण काल में राहू और केतु की शक्ति बहुत बढ़ जाती है और यही वो ग्रह है जो की अचानक से लाभ देने मे सक्षम है, सिद्धियाँ देने में सक्षम है और इसी कारण शीघ्र परिणाम के लिए ग्रहण काल के समय पूजा पाठ , मंत्र जाप अनुष्ठान करने की सलाह दी जाती है. 
  • इसी कारण अगर किसी को समंधो को सुधारना है तो चन्द्र ग्रहण के समय पूजा और प्रार्थना करनी चाहिए.
  • अगर किसी को स्वास्थय से सम्बंधित समस्या है तो रोगमुक्ति पूजा करनी चाहिए. 
  • अगर किसी को धन की चाहत है तो लक्ष्मी साधना करनी चाहिए ग्रहण के समय.
  • अगर किसी को किसी विशेष देवी या देवता को प्रसन्न करना है तो सम्बंधित मंत्र का जप करना चाहिए.
  • अगर किसी को नाम चाहिए, सम्मान चाहिए तो ये सुनहरा समय है अनुष्ठान करने के लिए
  • यन्त्र सिद्धी हेतु भी समय सिद्ध है.
  • शिवजी के भक्त पंचाक्षरी मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • विष्णु जी के भक्त “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • दुर्गा जी के भक्त दुर्गा मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • गुरु से दीक्षित लोग गुरु मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • इस दिन और रात को उपवास करना भी शुभ रहता है.
अतः सभी लोग अपने हिसाब से जरुरत के हिसाब से मंत्र चुनकर जप कर सकते हैं.

क्या ना करे चन्द्र ग्रहण के समय?

ग्रहण के समय वातावरण में हानिकारक किरणे रहती है जिसके कारण बहार घूमना और कुछ खाना पीना हानिकारक हो सकता है अतः सावधानी रखना चाहिए.
  1. अपने घर के दरवाजे खिडकियों को हो सकते तो बंद रखे.
  2. खाने के चीजो में तुलसी पत्ता डाल के रखे.
  3. पीने के पानी में भी तुलसी दल डाल दे.
  4. जिन महिलाओं को गर्भ हो उन्हें तो बिलकुल भी घर से नहीं निकलना चाहिए.
  5. ग्रहण काल में न कुछ खाए और ना कुछ पीयें
  6. इस समय नुकीली चीजो का प्रयोग या धारदार चीजो का प्रयोग न करे.
  7. हो सके तो यात्रा चन्द्र ग्रहण के समय न करे.
  8. जिनकी कुंडली में चंद्रग्रहण योग हो उनको विशेष सावधानी रखना चाहिए. 
अशुभ चन्द्रमा के उपाय ज्योतिष में
चन्द्र ग्रहण 27 जुलाई २०१८ को
Chandra Grahan Ka Mahattwa In Hindi, क्या करे चन्द्र ग्रहण के समय, क्या न करे ग्रहण के समय, जानिए कैसे बनाए जीवन को सुखी ग्रहण काल में.

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