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Showing posts from September, 2017

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Navdurgao ki Shakti | नवदुर्गा

Navdurgao ki shakti in hindi, who are navdurga, importance of navratri, why to worship navdurga in navratri, 9 manifestation of durga and there meaning in hindi.

माता कि अराधना हमेशा से ही समस्त कामनाओं  को पूरी करने का एक सशक्त माध्याम रहा है।  देवी भक्त  के लिए इस दुनिया में कोई भी वस्तु अप्राप्य नहीं रहता है।  धर्म , अर्थ, काम, मोक्ष कि प्राप्ति बड़ी ही आसानी से हो जाती है नवरात्री में  महाशक्ति की आराधना से।  अगर देवी कि कृपा प्राप्त हो जाए तो व्यक्ति को  सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।  
आइये समझते हैं कौन हैं माँ दुर्गा : ये हैं शक्ति कि देवी और साथ ही शिव का अंश भी हैं।  कहते है शिव शक्ति के बिना शव हैं, अतः इसी कारण संसार में  शक्ति अराधना को आवशयक माना गया है।  
मुख्य रूप से माता दुर्गा के तीन रूप हैं : महालक्ष्मी माँ सरस्वती सरस्वती माँ काली इन तीनो रूपों से ही इनके 9 रूपों का प्रकटीकरण हुआ है जिन्हें हम नवदुर्गा के नाम से जानते है।  

माँ दुर्गा के 9 रूप निम्नलिखित हैं : शैलपुत्री ब्रह्मचारीणी चंद्रघंटा कुष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्री महागौरी सिद्धिदात्री आइये जानते हैं …

Bhagyoday Hetu Navratri

Navdurgao ki puja se faayde, Navratri main siddhi kaise paaye, Navratri mai safaltaa ke upaay, kaise chamkaaye bhaagya ko, Jyotish aur navratri. हर साल नवरात्री आती है पितृ पक्ष के बाद और दशहरा दिवाली से पहले. नवरात्रि से मतलब होता है 9 दिव्य रातें जिनमें कोई भी व्यक्ति मातारानी के नौ रूपों की पूजा करके अपनी मनोकामनाए पूरी कर सकता है.

हर आध्यात्मिक विद्याओं के अभ्यास करने वाले साधक को इन रात्रियों का इन्तेजार होता है. क्यूंकि इन्ही दिनों मंत्रों को आसानी से जागृत किया जा सकता है, इन्ही दिनों माता को प्रसन्न किया जा सकता है, इन्ही दिनों कुछ परसहक्तियों को प्राप्त करने की साधना की जा सकती है.

ये नवरात्रियाँ होती हैं शारीर और मस्तिष्क को शुद्ध करने के लिए. ये 9 दिन बहुत शक्तिशाली होते हैं, बहुत पवित्र होते हैं. नवरात्रियों में अभ्यास करके कुंडली के दोषों को भी कम किया जा सकता है, मातारानी की दिव्य कृपा भी पाई जा सकती है और अपने आपको शक्तिशाली बनाया जा सकता है.

आज के इस युग में लोग अलग अलग प्रकार के समस्याओं से ग्रस्त हैं जिनका सम्बन्ध, स्वास्थ्य, समाज, व्यक्तिगत जीवन, प्रेम प्रसंग, नौकरी…

Navratri Vashikaran नवरात्री वशीकरण

Navratri Vashikaran नवरात्री वशीकरण, कैसे करे नवरात्री में वशीकरण साधना, कैसे बढाए अपनी सम्मोहन शक्ति वशीकरण मंत्रो द्वारा नवरात्री में. नवरात्री अर्थात साधना के लिए उपयुक्त 9 रातें जिनका इन्तेजार हर साधक पुरे वर्ष भर करते हैं. इन रात्रियों में सकरात्मक शक्तियां भक्तो का कल्याण करने के लिए तत्पर रहती हैं. देखा जाए तो पितृ पक्ष से लेके दिवाली तक का पूरा समय ही साधना के लिए उपयुक्त होता है और ऐसे में हमे कोई भी क्षण व्यर्थ नहीं गवाना चाहिए.  ये लेख उन लोगो के लिए है जो की अपनी सम्मोहन शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं जो वशीकरण की शक्ति को देखना चाहते हैं और एक स्वस्थ और संपन्न जीवन व्यतीत करना चाहते हैं.

नवरात्री में हालांकि किसी भी प्रकार की साधना सफल हो सकती है परन्तु वशीकरण साधना का अपना एक अलग ही महत्तव है. इसके अंतर्गत किसी विशेष शक्ति को अपनी और आकर्षित करने के लिए साधना की जाती है, अपने अन्दर की शक्तियों को जगाने के लिए साधना की जाती है, अपना सकारात्मक प्रभाव और सकारात्मक और को बढ़ाने के लिए साधना की जाती है.

आकर्षण शक्ति का होना अपने आप में अलग ही महत्तव रखता है और जीवन में सफलता के लिए…

Navratrii Ki Mahimaa | नवरात्री महीमा

नवरात्री की महिमा importance of navratri, types of problems and there solutions in navratri, best understandings of navratris, navaratri mahima in hindi FREE.

नवरात्री में शक्ति की उपासना की जाती है , इन 9 रात्रियों में दिव्या साधनाए की जाती है ताकि भौतिक और अध्यात्मिक जीवन दोनों ही सफल हो. ये नौ रात्रियाँ साधको , तपस्वियों के लिए अति महत्त्वपूर्ण हैं. शाश्त्रों के हिसाब से अगर नवरात्री में कोई भी साधना श्रद्धा और भक्ती से प्रे विधि विधान से की जाए तो निश्चित ही सफलता मिलती है. इसी कारण लोग नवरात्री का इन्तेजार बड़े ही जोर शोर से करते हैं. शक्ति के बिना हम कुछ भी नहीं हैं.गरीबी, भूखमरी , लड़ाई झगड़े , अमंजास, असफलता लगातार का एक कारण कुलदेवी की अप्रसन्नता भी होती है. नवरात्री की महिमा :क्या आपने कभी ध्यान दिया है की कुछ लोग नवरात्री मे बहुत ही कठोर साधना करते हैं पर पुरे वर्ष भर आराम से जीवन का आनंद लेते है. यही है नवरात्री की महिमा. ये नौ दिन है शक्ति प्राप्त करने के लिए. ये नौ दिन है देवी को प्रसन्न करने के लिए, ये नौ दिन है समस्त प्रकार के बाधाओं को ख़त्म करने के लिए. अतः कोई भी व्यक्त…

Pitru Paksh Kya Hai In Hindi

pitra paksh kya hai, पितृ पक्ष क्या है, पितरो को खुश करने के उपाय, तर्पण का महत्तव. आइये जानते हैं कुछ पितृ पक्ष के बारे में: ये समय पितरो के पूजन के लिए होता है, ये वो अच्छा समय होता है जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति हेतु पूजा पाठ कर सकता है, अनुष्ठान कर सकता है. पितृ पक्ष को महालय भी कहते हैं और इस समय में पितरो की उन्नति के लिए भी पूजाए की जाती है.

महालया 16 दिनों का होता है और ऐसा माना जाता है की इन दिनों में पितृ गण हमारे घरो में आते हैं उन चीजो को ग्रहण करते हैं जो हम उनके नाम से दान करते हैं, गाय, कुत्ते, कौए आदि को खिलाते हैं. अगर कोई अपने पितरो के लिए कुछ करना चाहते है, उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते है तो ये सबसे अच्छा समय होता है. सभी लोग इस समय का पुरे साल इन्तेजार करते हैं.

इस संसार में ऐसा कोई नहीं जो की बिना पितरो के आशीर्वाद के जीवन जी रहा हो , हमारे जीवन में सफलता में पितरो का आशीर्वाद भी एक बहुत महत्त्वपूर्ण कारण है. उनके कारण ही हमारा अस्तित्व हैं अतः ये हमारा कर्त्तव्य है की हम उनके लिए कुछ न कुछ करते रहे जीवन भर. शाश्त्रों में ऐसा कहा गया है की जो भी अनुष्ठान…

Pitr Paksh Ka Mahattw

Importance of pitra paksh in Hindi, what to do on pitra paksh

भारतीय ज्योतिष शाश्त्र में श्राद्ध पक्ष का बहुत महत्तव है जिसके कारण इन दिनों मंदिरों में और नदी तट पर खूब भीड़ दिखाई देती है.  शाश्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में हमारे पितृ स्वछंद होकर धरती पर भ्रमण कर सकते हैं और वो अपने वन्सजो के यहाँ पर आते हैं. अतः जो लोग पितृ श्राप या पितृ दोष से ग्रस्त है उनके लिए ये समय वरदान है क्यूंकि इन्ही दिनों में पितरो का आशीर्वाद बड़ी आसानी से लिए जा सकता है. पितृ दोष के कारण परेशानियां : देखा गया है की अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो जातक को नौकरी मिलने में परेशानी, अगर जाए तो कार्य करने में परेशानी, इसके अलावा, वैवाहिक जीवन में परेशानी, प्रेम संबंधों में असफलता, अनावश्यक खर्चा, बिमारी आदि का लगा रहना आदि से जीवन बड़ा संघर्षमय हो जाता है, अतः ये जरुरी हो जाता है की इससे मुक्ति के उपाय किये जाए.  वैसे तो हर महीने की चौदस और अमावस को इसके निमित्त पूजा की जाती है परन्तु अगर हम बात करते हैं विशेष समय की जब हम बड़ी आसानी से किसी भी प्रकार के पितृ दोष बढ़ा से छुटकारा पा सके तो मैं ये कहूंगा की महालय/श्राद…

Talaak Se Pahle Ke Kuch Mahattwpoorn Sawaal

तलाक से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण सवाल, जानिए ज्योतिष से तलाक का समाधान. आज कल तलाक के केस बढ़ते जा रहे है. अगर आपने भी तलाक का फैसला कर लिया है, अगर आपने अपने साथी से दूर जाने का फैसला कर लिया है, अगर आप अपने जीवनसाथी के साथ नहीं रहना चाहते हैं तो थोडा रुकिए ! और कुछ सवालों के जवाब पता कीजिये, इससे आपको जीवन को बेहतर तरीके से जीने में मदद मिलेगी.  तलाक एक महत्त्वपूर्ण निर्णय होता है, एक निर्णय दो लोगो के जीवन को पूरी तरह से बदल सकता है. अतः निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह से सोच विचार कर लेने चाहिए.  आइये जानते कुछ सवाल जो तलाक से पहले अपने आप से करने चाहिए:क्या आपके अन्दर अभी भी दिल और दिमाग के किसी कोने में अपने साथी के लिए कोई जगह बाकी है? – शांत बैठे और सोचिये क्या अभी भी आप अपने साथी से प्रेम करते हैं. क्या आपके पास इतनी शक्ति नहीं की अपने और अपने साथी के गलत विचारों को दूर कर सके. क्या आप दोनों के अन्दर वाकई में एक दुसरे के लिए कोई भावना नहीं बची है. क्या तलाक सही मायने में कोई गलती नहीं होगी.तलाक का निर्णय आपका कोई भावनात्मक निर्णय नहीं है ? – एक बार फिर सोचिये की कही आप किसी भावाबेश…