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Showing posts from September, 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे  समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आ…

Prêt Chandal Yoga Kya Hota Hai

Prêt chandal yoga kya hota hai, कैसे बनता है प्रेत चांडाल योग कुंडली में, कैसे जीवन में संघर्ष उत्पन्न होता है प्रेत चांडाल योग के कारण, जानिये कुंडली के बारा भावों में चांडाल योग का असर.
वास्तव में जब भी गुरु, राहू या केतु के साथ युति करता है कुंडली के किसी भी भाव में तो चांडाल योग का निर्माण होता है इसे ही अलग अलग लोग अलग अलग नामो से जानते हैं जैसे कोई इस योग को गुरु चांडाल योग बोलते हैं, कोई इसे प्रेत चांडाल योग बोलते हैं, कुछ इसे दरिद्र योग भी बोलते हैं आदि .
इसमें कोई शक नहीं की जब भी राहू और केतु गुरु के साथ किसी भी घर में बैठेंगे तो वो सम्बंधित कार्य को नुक्सान देंगे या फिर संघर्ष को बढ़ा देंगे. इसके कारण व्यक्ति को शादी में परेशानी आ सकती है, नौकरी में कठिनाई आ सकती है, व्यापार को स्थिर करने में समस्याए आ सकती है, समाज में एक विशेष स्थान बनाने में समस्या आ सकती है.
ग्रहों के शक्ति के अनुसार ये व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं. उदाहरण के लिए अगर शत्रु राशि के राहू केतु या गुरु की शक्ति कम हुई तो ये कम संघर्ष देंगे वही अगर इनकी शक्ति अधिक हुई तो जीवन को नरक भी बना सकते हैं.

Shaadi Karwane Wala Patthar

क्या पत्थर उठाने से शादी हो सकती है, चमत्कारी शादी करवाने वाला पत्थर भारत में . भारत में अनुको ऐसे परम्पराएं मौजूद है जिसके पीछे के वैज्ञानिक पहलु को जितना समझने की कोशिश करे उतना ही उलझन बन जाती है. ऐसी ही एक विचित्र परंपरा सिवनी में देखने को मिलती है. सिवनी, मध्य प्रदेश में आज के डिजिटल युग में भी एक विचित्र परंपरा मौजूद है. यहाँ एक विशेष दिन ११ लोग ६० किलो वजनी पत्थर उठाते है.

हर साल पोला त्यौहार यहाँ मनाया जाता है , इसके दुसरे दिन इस पत्थर उठाओ कार्यक्रम का आयोजन होता है. पहले पत्थर को कुंवारे लड़के पीठ पर उठाते हैं. और बाद में ११ शादी सुदा लोग अपने १-१ ऊँगली लगा के पत्थर को उठाते हैं.
ये प्रथा ५०० साल पुरानी है और आज भी लोगो को विश्वास है की ऐसा करने से विवाह हो जाता है. आश्चर्य की बात ये है की –
जहाँ शादी सुदा लोग इस पत्थर को १ -१ ऊँगली से आसानी से उठा लेते हैं वहीँ कुंवारे लोगो को इसे पीठ पे उठाने में भी पसीने आ जाते हैं.  आइये जानते हैं की ये चमत्कारी पत्थर है कहाँ :

Swastik Rahasya In Hindi

kya hai swastik, swasik rahasya in hindi, kaise prayog kare swastik ka, स्वास्तिक  क्या है, कैसे प्रयोग करे स्वस्तिक  सफलता के लिए. 
हिन्दू संस्कृति के प्राचीन ऋषियों ने अपने धर्म के आध्यात्मिक अनुभवों के आधार पर कुछ विशेष चिन्हों की रचना की, ये चिन्ह मंगल भावों को प्रकट करती है , ऐसा ही एक चिन्ह है “स्वास्तिक“.
स्वस्तिक मंगल चिन्हों में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है और पुरे विश्व में इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है. इसी कारण किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले स्वस्तिक का चिन्ह बनाया जाता है. 
स्वस्तिक 2 प्रकार का होता है – एक दाया और दुसरा बांया . दाहिना स्वस्तिक नर का प्रतिक है और बांया नारी का प्रतिक है. वेदों में ज्योतिर्लिंग को विश्व के उत्पत्ति का मूल स्त्रोत माना गया है. 
स्वस्तिक की खड़ी रेखा सृष्टि के उत्पत्ति का प्रतिक है और आड़ी रेखा सृष्टि के विस्तार का प्रतिक है तथा स्वस्तिक का मध्य बिंदु विष्णु जी का नाभि कमल माना जाता है जहाँ से विश्व की उत्पत्ति हुई है. स्वस्तिक में प्रयोग होने वाले 4 बिन्दुओ को 4 दिशाओं का प्रतिक माना जाता है. 

कुछ विद्वान् इसे गणेश जी क…

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi, श्वेतार्क गणपति रहस्य, कैसे प्रयोग करे स्वेतार्क गणपति का, कहा से प्राप्त करे स्वेतार्क गणपति .
श्वेतार्क गणपति को लेके समाज में बहुत भ्रम फैला हुआ है और इसीलिए jyotishsansar.com के इस लेख में अपने पाठको को इस रहस्यमय वास्तु के बारे में जानकारी दी जा रही है.
स्वेतार्क गणपति का प्रयोग वनस्पति तंत्र के अंतर्गत मिलता है. ये वास्तु अति प्रभावशाली होती है और सफलता दिलाने में सहायक होती है. ये वास्तव में एक पौधे की जड़ होती है. मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के जंगलो में साधारणतः ये पाई जाती है.
ज्योतिष भी स्वेतार्क गणपति की पूजन के लिए बताते हैं कुछ लोगो को , ऐसी मान्यता है की इसमे गणेशजी की कृपा होती है.
आइये जानते हैं क्या है स्वेतार्क गणपति ?
एक पौधा पाया जाता है जिसे hindi में आक या मदार के नाम से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे कालोत्रोपिस के नाम से जानते हैं. इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में भी होता है.
साधारणतया आक के पौधे 2 प्रकार के होते हैं एक वो जिसमे की सफ़ेद फूल आते हैं और दूसरा वो जिसमे नीले फूल आते हैं. स्वेतार्क गणपति सफ़ेद फूल देनेव…