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Showing posts from May, 2016

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है.  विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है.  ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है.  आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपक…

Love Harmones Ka Rahasya In Hindi

लव हारमोंस का रहस्य, क्या होता है लव हारमोंस, जानिए लव हार्मोन्स के फायदे, कैसे स्वस्थ्य को प्रभावित करता है ये हार्मोन. ये काफी दिलचस्प विषय है क्यूंकि हम बहुत सी बातो के गहराई को नहीं जानते हैं परन्तु उसके पीछे विज्ञान होता है. एक ऐसा विशेष हार्मोन है जो की बच्चे के जन्म के समय पैदा होता है, जब बछा दूध पीता है तब पैदा होता है, जब कुशी होती है , जब शांति होती है मन मे तब पैदा होता है. ये हार्मोन प्रेम और प्रेमियों से भी जुड़ा है. जी हाँ ! जब हम किसी से प्रेम करते हैं और उसके साथ ख़ुशी महसूस करते हैं तब भी ये हार्मोन जन्म लेता है. इस विशेष हार्मोन का नाम है “ऑक्सीटोसिन” जो की जिम्मेदार है स्वस्थ दिमाग और शारीर के लिये. इसका सम्बन्ध भावनाओं से है, निकटता से है आदि.
शोध ये भी बताते हैं की इस हार्मोन का जन्म पारस्परिक शारीरिक सम्बन्ध बनाने के समय भी होता है. परन्तु सिर्फ ऐसा ही नहीं है. महिलाए जब बच्चे को जन्म देती है, जब बच्चे को दूध पिलाती है तब भी ये हार्मोन पैदा होता है.
शोध ये भी बताता है की ऑक्सीटोसिन हार्मोन शारीर के अन्दर मेटाबोलिक क्रिया कलापों के लिए भी बहुत सहायक है. भूख और कैलो…

Nakaratmak Urja Ko Rokne Ke Kuch Upaay

Nakaratmak Urja Ko Rokne Ke Kuch Upaay, क्या है नकारात्मक उर्जा, कैसे रोखे नकारात्मकता को, जानिए कुछ ज्योतिषीय और वास्तु के उपाय नकारात्मक उर्जा से बचने के लिए.
वो उर्जा जिनसे हमे नुकसान होता है , परेशानी होती है, वो सब नकारात्मक उर्जा कहलाती है, नकारात्मक उर्जा जीवन में संघर्ष उत्पन्न करती है और मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढती जाती है. नकारात्मक उर्जा के अंतर्गत हम काले जादू, भूत-प्रेत दोष, वास्तु उर्जा, बीमारियों आदि को भी शामिल करते हैं. 
अगर हमे किसी जगह की नकारात्मकता को जानना है तो हमे उस जगह को महसूस करना होगा, अगर हम किसी जगह जाने पर घबराहट महसूस करते हैं या फिर हमारे व्यवहार में नकारात्मक परिवर्तन महसूस करते हैं तो ये जान लेना चाहिए की वहां पर किसी प्रकार की नकारात्मकता है उदाहरण के लिए टॉयलेट या कचरे फेके जाने वाले जगह पर जाने पर हमे एक विशेष प्रकार की गंध आती है जो की हमारे लिए परेशानी का कारण बन जाती है और हम ज्यादा देर तक वहां नहीं रह सकते , ये भी नकारात्मकता के कारण ही होता है. 
घर में नकारात्मकता होगी तो हम रह नहीं पायेंगे, ऑफिस में नकारात्मकता होगी तो काम सही तरीके से नहीं…

Swasthya Se Sambandhit Jyotishiya Yog

अच्छे स्वास्थ्य का महत्त्व, कुछ ज्योतिषीय योग जो की बिमारी का कारण हो सकते हैं, जनेन्द्रिय सम्बंधित रोग और ज्योतिष, अलसर- घाव से सम्बंधित योग, गुप्त रोग और ज्योतिष, मनो रोग के ज्योतिषीय कारण. 
स्वास्थ्य का जीवन मे सबसे अधिक महत्त्व है, इस क्षणभंगुर जीवन को सफलता पूर्वक जीने के लिए जरुरी है की स्वास्थ्य अच्छा रहे. ज्योतिष के माध्यम से भी हम स्वास्थ्य के बारे मे बहुत कुछ जान सकते हैं. विभिन्न ग्रहों का हमपर अलग अलग असर होता है, ग्रहों की उर्जा हमारे जीवन पर असर डालती है. बीमारी एक ऐसा श्राप है जो होता तो एक को है पर पूरा परिवार प्रभावित होता है. 
ये भी सच है की अगर व्यक्ति खान पान मे समन्वय रखे तो भी बहुत सारी बिमारियों से बचा भी जा सकता है. इसी के साथ अगर कुछ ज्योतिषीय उपाय कर लिए जाए, कुंडली मे मौजूद ख़राब ग्रहों के प्रभावों को कम करने के लिए तो बहुत हद तक परेशानियों को कम किया जा सकता है. 
बीमारी के कारण को जानने के लिए कुंडली के छठे भाव को देखा जाता है, आठवे भाव को देखा जाता है. त्रिक भावों (6, ८, १२ )मे ख़राब ग्रहों की मौजूदगी भी स्वास्थय सम्बंधित परेशानियों की तरफ इशारा करती है. 
आइ…

Angarak Yoga In Hindi

Angarak Yoga In Hindi, अंगारक योग क्या होता है और इससे कैसे मुक्ति पायें, क्या प्रभाव होता है अंगारक योग का जीवन में, कुछ आसान तरीके अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के. ज्योतिष में अंगारक योग एक कष्टकारी योग है जिसके कारण व्यक्ति को जीवन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साधारणतः लोग इस योग के बारे में कम जानते है परन्तु जो लोग इससे ग्रस्त है वही लोग इसके परिणाम से वाकिफ है. कुछ लोगो को तो पता ही नहीं होता है की अंगारक योग के कारण वो परेशान है जीवन में. अतः ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको अंगारक योग की जानकारी देने जा रहे हैं. जो निश्चित ही सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी. क्या है अंगारक योग? ये योग कुंडली में तब बनता है जब राहू और मंगल किसी भाव में साथ में बैठ जाएँ. परन्तु ये और भी कई तरीके से बनता है,ये योग बहुत घातक हो सकता है जब कुंडली में राहू और मंगल दोनों ही शत्रु राशि के हो , उस स्थिति में जातक को मृत्यु तुल्य कष्ट भी उठाना पड़ सकता है , इस योग के कारण जीवन में दुर्घटनाएं बहुत होती है और जातक परेशान रहता है, जिस भाव में कुंडली के ये होता है उस से सम्बंधित विषय में तो…