Skip to main content

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi, जानिए गंगा दुशहेरा के विषय में, क्यों मनाते हैं गंगा दुष्मी, २०१६ के गंगा दशेरा का महत्तव .

भारत में एक विशेष त्यौहार हर साल बड़े जोश से मनाया जाता है माँ गंगा की याद में. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गंगा एक पवित्र नदी है जो की पापों से लोगो को मुक्त करती है. इसे पापनाशिनी कहा गया है शास्त्रों में.
गंगा दशेरा का महत्त्व इन हिंदी ज्योतिष
ganga dusshera

हिन्दुओं का ये अटूट विश्वास है की इस पवित्र दिन में अगर कोई गंगा में स्नान और दुबकी लगता है साथ ही पूजा करता है तो वो समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और मुक्ति प्राप्त करता है.

गंगा दुशहरा को गंगा दशमी के नाम से भी जानते हैं और ये ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को मनाया जाता है.

इस दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था भागीरथ जी के अथक प्रयास के कारण, इसी कारण गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है.

जहां जहां गंगा नदी बहती है वहां लोग गंगा घाट पर इकटठा होते हैं और पवित्र स्नान के बाद पूजा पाठ करते हैं, सिर्फ यही नहीं जहा अन्य नदियाँ है वहां भी लोग माँ गंगा का स्मरण करके स्नान और पाठ पूजा करते हैं.

धार्मिक तीर्थ स्थल जैसे हरिद्वार, वाराणसी, ऋषिकेश, अल्लाहाबाद में तो मेले जैसा वातावरण होता है और लाखो श्रद्धालु इस दिन माँ गंगा का आशीर्वाद लेने आते हैं.

लोग पवित्र स्नान के बाद पूजा करके ब्राह्मणों का आशीर्वाद लेते हैं और यथा शक्ति दान भी करते हैं. लोग गंगाजल घर पर भी रखते हैं , ऐसी मान्यता है की इससे बुरी शक्तियों का असर घर पर नहीं होता है.

गंगा दश्हेरा के अवसर पर भक्त लोग नदी किनारे इकटठा होक भजन गाते हैं मंत्र जपते हैं , माँ गंगा की आरती करते हैं, दीप दान करते हैं और माँ को फल, फूल दक्षिणा भेट करते हैं.

वास्तव में गंगा दुशेरा 10 दिनों तक मनाया जाता है और इसकी शुरुआत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को होती है.

आइये अब जानते हैं की 2020 की गंगा दशहेरा का ज्योतिषीय महत्तव:


इस बार 1 may 2020, सोमवार को गंगा दशमी का शुभ योग है अतः ये उत्सव बहुत अधिक महत्तव रखता है. सोमवार भगवान् शिव से जुड़ा है अतः इस दिन गंगा दशेरा उत्सव का मनना एक विशेष महत्त्व रखता है.

इस दिन की गई पूजा पाठ का विशेष फल प्राप्त होगा. साथ ही गुरुवार को ये योग पद रहा है जिससे की महत्व और बढ़ गया है.
गंगा दसहेरा को पूजा पाठ करके अपने परेशानियों को कम करने के लिए प्रार्थना करके लाभ लिया जा सकता है.

क्या करें गंगा दशहेरा को :

इस दिन जल्दी उठ के फ्रेश होक नदी किनारे जाके पवित्र स्नान करना चाहिए फिर पूजा पाठ करके दीप दान करना चाहिए, हो सके तो पंचोपचार पूजा करे माँ गंगा का और यथा शक्ति दान करे और ब्राह्मणों का आशीर्वाद ले.
और भी अच्छा रहेगा अगर कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाके उनका आशीर्वाद लिया जाए.
अपने पुरे परिवार के साथ गंगा का पूजन करे और आगे अपने जीवन में सफलता प्राप्त करे.

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi, जानिए गंगा दुशहेरा के विषय में, क्यों मनाते हैं गंगा दुष्मी, २०१६ के गंगा दशेरा का महत्तव .

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है.

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है.
सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है.किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे.वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है.इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए.कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनते है …

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >>
आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को प…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…