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Karj Mukti aur Jyotishiya Samadhaan

कर्ज मुक्ति के लिए ज्योतिषीय समाधान, क्यूँ होता है कर्ज, क्या करे कर्ज से मुक्ति के लिए, कर्ज मुक्ति के लिए टोटके, कर्ज कब नहीं लेना चाहिए.
कर्ज मुक्ति के लिए ज्योतिषीय समाधान, क्यूँ होता है कर्ज, क्या करे कर्ज से मुक्ति के लिए, कर्ज मुक्ति के लिए टोटके, कर्ज कब नहीं लेना चाहिए.
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जीवन में कर्ज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है, कर्ज के साथ जीना एक एक पल भी बहुत भारी होता है. कर्ज कई कारणों से लिया जाता है जैसे घर बनाने के लिए कर्ज लिया जाता है, गाड़ी खरीदने के लिए कर्ज लिया जाता है, शादी ब्याह के लिए कर्ज लिया जाता है, कभी कभी एक कर्ज को उतरने के लिए दूसरा कर्ज लिया जाता है, उच्च शिक्षा के लिए कर्ज लिया जाता है, इलाज के लिए कर्ज लिया जाता है, व्यापार बढ़ाने के लिए कर्ज लिया जाता है आदि.
कुछ लोग तो कर्ज को आसानी से चूका देते है परन्तु कुछ लोगो के साथ दुर्भाग्य से कर्ज लेने के बाद स्थिति और ख़राब हो जाती है और कई लोग और अवसाद ग्रस्त होके बहुत से गलत कदम भी उठा लेते हैं. अतः ये आवश्यक है की अगर कर्ज नहीं चुक पा रहा हो तो किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह ले क्यूंकि ग्रहों का हमारे जीवन पर बहुत अधिक असर होता है. 

आइये अब जानते हैं की कर्ज कब नहीं लेना चाहिए?

  • साधारणतः मंगलवार, शनिवार, अमावस्या, पंचक में कर्ज नहीं लेना चाहिए.
  • परन्तु मेरे अनुभव के अनुसार कुंडली में जो ग्रह ख़राब है उनसे सम्बंधित वार को भी कर्ज लेने से बचना चाहिए.

अगर आपने कर्ज लिए है तो रखे इन बातो का ध्यान:

  1. अगर आपने अपने रिश्तेदारों से, दोस्तों से कर्ज लिया है तो उनसे संपर्क बनाए रखे और उन्हें ये जताए की आप उनका कर्ज जल्द से जल्द लौदा देंगे.
  2. कर्ज को हमेशा एक साथ लौटाने के इन्तेजार न करे, थोडा थोडा करके लौटाते रहे, इससे आपके ऊपर एक दम से बोझ नहीं पड़ेगा और सामने वाले के अन्दर भी आपके लिए अच्छी भावना बनी रहेगी.
  3. इस कहावत का पालन कतई न करे की “कर्ज लेने के समय गाय और लौटाने के समय शेर”, इससे आगे आने वाले समय में आपको बहुत संकटों का सामना करना पड़ सकता है.

आइये अब जानते हैं कुछ ज्योतिषीय कारण कर्ज के:

  • अगर कुंडली में लाभ भाव, आय भाव, कर्म भाव बिगड़ा हुआ है तो जातक को कर्ज लेने की आवश्यकता पड़ सकता है.
  • कई जातको को शनि साड़े साती के समय में भी कर्ज लेने की आवश्यकता पड़ सकता है.
  • कई जातको को ख़राब ग्रह की महादशा और अन्तर्दशा में भी धन की कमी से गुजरना होता है और कर्ज लेने की जरुरत पड़ती है.
  • अगर कुंडली में अष्टम भाव में शत्रु राशी का ग्रह हो तो उसी महादशा या अन्तर्दशा में बिमारी या दुर्घटना के कारण भी कर्ज लिया जा सकता है.
  • इनके अलावा ग्रहण योग, कालसर्प योग, चंडाल योग आदि के कारण भी कई बार जातक को धन की कमी के कारण कर्ज लेने की जरुरत होती है.
  • सही कारण के लिए जातक की कुंडली को देखना जरुरी होता है.

आइये जानते हैं कुछ ज्योतिषीय उपाय जिनसे कर्ज मुक्ति में सहायता मिल सकती है :

  1. अगर आप कर्ज से परेशान है तो अमावस्या को अपने पुरे घर से एक निम्बू एक ४ लौंग लेके उतरा करे और निम्बू को ४ टुकड़े करके फेंक दे साथ ही लौंग को चौराहे पर जाके जला दे.
  2. रोज पूजा के समय आप गूगल की धुप ही जलाए , अन्य सेंटेड अगरबत्ती न जलाए.
  3. घर में कलह करना बंद कर दे अगर ऐसा करते हो तो.
  4. जितना हो सके अपने परिवार वालो के साथ हँसते खेलते ही समय बिताये.
  5. रोज पुरे घर में पवित्र जल छिडके पूजा के बाद और ऐसा सोचे की घर से दरिद्रता बहार जा रही है और सम्पन्नता आ रही है.
  6. किसी भी लक्ष्मी मंत्र का सतत जप करते रहे और ऐसा सोचे की माता की कृपा से आप कर्ज मुक्त हो रहे है.
  7. अमावस्या और पूर्णिमा को किसी सुनसान चौराहे पर जाके ४ मुखी दीपक जला के वहां भोग, जल रखे और परार्थना करे की आपके जीवन से दरिद्रता ख़त्म हो और सम्पन्नता आये.
  8. इसके अलावा ज्योतिष को कुंडली दिखा के ग्रहों के हिसाब से उपाय करे जैसे शुभ रत्न धारण करे, दान करे, ग्रह शांति पूजा करवाए आदि.
इस प्रकार कुछ सरल उपायों द्वारा कर्ज मुक्ति में सहायता मिलती है. 

पूरी  मेहनत से काम करे, अनावश्यक खर्चे मत कीजिये, अपने संपर्को के जरिये भी काम ढूँढिये और करिए. इससे जल्द ही आप कर्ज से मुक्त हो पायेंगे. 

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