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Is Saal Holi Par Graho Ke Yog Kya Kahte Hai

इस बार होली में क्या ख़ास है, ज्योतिष और होली उत्सव, क्या करे सफलता के लिए, जानिए होली का महत्त्व, होलिका दहन का महत्त्व.
इस बार होली में क्या ख़ास है, ज्योतिष और होली उत्सव, क्या करे सफलता के लिए, जानिए होली का महत्त्व, होलिका दहन का महत्त्व.
jyotish aur holi

होली रंगों का त्यौहार है, इस उत्सव में सभी अपना दुःख भूलकर खुशियों से जिन्दगी को भरने का प्रयास करते हैं. ज्योतिष के हिसाब से होली की रात्रि साधना को करने के लिए अती उत्तम समय होता है, इस रात्रि को तंत्र साधना भी की जाती है, मंत्र साधना भी की जाती है, यंत्र साधना भी की जाती है. विद्वान् लोग कुछ न कुछ विशेष अनुष्ठान करते हैं होली की रात्री को जीवन को सफल बनाने हेतु.
  • ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए भी ये रात्री ख़ास होती है.
  • इस रात्रि को मन्त्र जागृति के लिए शुभ माना जाता है.
  • इस रात्री को देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए साधना की जा सकती है.
  • कुछ लोग वशीकरण साधना भी इस रात्री को करते हैं.
  • कुछ लोग आय के स्त्रोत को खोलने के लिए भी पूजा करते हैं.
अतः होली की रात्री सभी के लिए ख़ास होती है. व्यापारी, गृहणी, प्रेमी, विद्यार्थी, नौकरी पेशा सभी इस रात्री को अपने जीवन को सफल बनाने के लिए पूजा पाठ कर सकते हैं.
आइये जानते हैं होलिका दहन का महत्त्व :
होलिका दहन एक ऐसी क्रिया है जिसमे हम अपने अन्दर की बुराइयों को जलाते हैं. होलिका के पीछे एक कहानी है, वो ये की होलिका नाम की एक राक्षसी थी जिसने भगवान् विष्णु के भक्त प्रहलाद को जलाने की कोशिश की परन्तु आग से न जलने का वरदान प्राप्त होने पर भी होलिका जल गई परन्तु भक्त प्रहलाद को कुछ नहीं हुआ. उसी दिन से विद्वान् लोग इस दिन को बुराई का नाश करने के लिए मनाने लगे.
होलिका दहन पूर्णिमा को होता है जिसका अपना ही महत्त्व होता है. इस दिन हम स्वास्थ्य के लिए पूजा कर सकते हैं, इस दिन संबंधो को सुधारने के लिए भी पूजा की जा सकती है, काले जादू से छुटकारे के लिए भी पूजा कर सकते हैं, ग्रह दोषों से छुटकारे के लिए भी इस दिन पूजा होती है.
आइये अब जानते हैं की २०१७ में ग्रह योग कैसे बन रहे हैं?

इस साल होलिका दहन १२ मार्च की रात्रि को होगा. पूर्णिमा होने के कारण इस रात्रि को सकारात्मक शक्तियों की कृपा प्राप्त करना आसान होता है. परन्तु इस साल ग्रहों की स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है जिससे सावधानी बरतना अच्छा होगा.

  • सूर्य और बुध साथ में बैठेंगे गोचर में जिससे की बुधादित्य योग का निर्माण होगा. इससे नाम, यश, ज्ञान के लिए पूजा पाठ करना अच्छा होगा.
  • शुक्र भी उच्च का रहेगा जिससे की जो लोग संबंधो को सुधारने के लिए पूजा करना चाहते हैं उनके लिए भी समय शुभ होगा. जो लोग शुक्र की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए भी अच्छा समय रहेगा होली को.
  • राहू शत्रु राशि का रहेगा जिससे की गुप्त शत्रुओ से भय होगा. जिनके कुंडली में राहू ख़राब हो , उन्हें सावधान रहना चाहिए.
  • गुरु भी होली में शुभ रहेगा जिससे की अध्यात्मिक उन्नती के लिए साधना करने वालो को लाभ होगा.
अतः देखा जाए तो होली की रात्रि शुभ है परन्तु थोडा सावधानी बरटके हम इस रात्रि का पूरा लाभ ले सकते हैं और जीवन को सुखी कर सकते हैं.
इस रात्रि को यात्रा टालना चाहिए, कोई नया कार्य शुरू न करे, कोई निर्णय न ले, किसी भी प्रकार के लड़ाई झगडे से दूर रहे.
अगर कुंडली में अंगारक योग हो, ग्रहण योग हो, चंडाल योग हो, तो आपको ज्यादा सावधान रहना चाहिए और रात्रि को पूजा पाठ, जप, हवन जरुर करना चाहिए.
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