Chaitra Navratri || चैत्र नवरात्री

जैसा की हम सब जानते है की नवरात्री के 9 दिन बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं, साधना के लिए, मनोकामना पूर्ण करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए. हालांकि साल के सभी नवरात्री महत्त्वपूर्ण और शक्तिशाली होते है परन्तु २०१८ की नवरात्री ख़ास है क्यूंकि इस बार चैत्र नवरात्री रविवार से शुरू होकर रविवार को ही ख़त्म हो रही है. और इस बार नवरात्री ८ दिनों की ही है. अगर कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहते है तो उन्हें जरुर माताजी की साधना करना चाहिए इन ८ दिनों मे.
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चैत्र नवरात्री 
चैत्र महिना हिन्दू पंचांग के हिसाब से पहला महिना होता है इसिलिये भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्री का पहला दिन होता है. ये दिन गुडी पडवा और चेटी चंड के रूप मे भी मनाया जाता है. चैत्र नवरात्री का नौवा दिन राम नवमी के रूप मे भी मनाया जाता है. 
ये गर्मियों के दिन की शुरुआत का संकेत भी है अतः हमे साधना द्वारा शक्ति हासिल करना चाहिए जिससे की हम बदलते हुए वातावरण को पचा सके और स्वस्थ रह सके. 
नवरात्री के 9 दिन भक्त देवी के अलग अलग रूपों की पूजा करते है. 

आइये अब जानते है की इस चैत्र नवरात्री के दौरान कौन कौन से मुख्य दिन आ रहे है :

  1. घट स्थापना १८ मार्च  को होगा 
  2. सौभाग्य सुंदरी व्रत २० मार्च को है.
  3. गणेश चतुर्थी २१ मार्च को है. 
  4.  राम राज्योत्सव 22 मार्च को है.
  5. महा अष्टमी/दुर्गा अष्टमी  और दुगा नवमी २५ मार्च को है. 
नवरात्री मे साधक गण मुख्यतः दुर्गा शप्तशती का पाठ करते है और माता के मंत्रो का जप करते है अलग अलग कामनाओं की पूर्ति हेतु. 
इन 9 दिनों मे वातावरण दिव्य हो जाता है, हर तरफ माता की शक्ति का प्रभाव महसूस किया जा सकता है. 

आइये अब देखते है कौन कौन से मुख्य योग आ रहे है चैत्र नवरात्री २०१८ मे:

  1. सूर्य और बुध साथ मे बैठ कर बुध आदित्य योग का निर्माण कर रहे है जो की साधना के लिए उपयुक्त समय है ज्योतिष के हिसाब से. इस समय पूजा पाठ, अध्यात्मिक साधना को सफलता पूर्वक किया जा सकता है.
  2. केतु मित्र राशि मे है जो भी एक अच्छा और शक्तिशाली समय का निर्माण कर रहा है. इस समय कर्म काण्ड, पूजा पाठ सफलता पूर्वक कर सकता है. तांत्रिक पूजा के लिए भी श्रेष्ठ समय होगा.
  3. शुक्र भी उच्च का रहेगा जिससे भी बहुत लाभ होगा.
  4. गुरु, राहु और बुध अशुभ रहेंगे जिसके कारण मानसिक अशांति बन सकती है.

अतः इन योगो के कारण समय बहुत अच्छा है जब हम अपने मनोकामना को पूर्ण करने के लिए माता की कृपा प्राप्त कर सकते है.
आइये अब जानते है की चैत्र नवरात्री २०१8 मे हम क्या प्राप्त कर सकते है माता की कृपा से :
  • अगर कुंडली मे ग्रह योगो के कारण समस्या आ रही है तो भी हम इस नवरात्री मे इससे बहार आने के लिए पूजा कर सकते है. 
  • अगर कुंडली मे चंडाल योग, ग्रहण योग आदि हो तो भी माता की कृपा से उससे मुक्ति पाई जा सकती है. 
  • अगर कोई किसी दुष्ट शक्ति से ग्रस्त है तो तो उससे मुक्ति पा सकता है. 
  • अगर कोई काले जादू, टोना आदि से ग्रस्त है तो भी इससे मुक्ति पा सकता है. 
  • हम माता की शक्ति को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. 
  • ये 9 दिन उन लोगो के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है जो लोग कुंडलिनी जागरण साधना करते हैं. 
  • हम स्वस्थ और संपन्न जीवन के लिए साधना कर सकते हैं. 
  • जिनको आर्थिक परेशानी है वो भी माता से कृपा प्राप्त कर सकते हैं. 
  • रिद्धि –सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं. 
  • भौतिक सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं. 
  • हम अपने प्रेम जीवन, पारिवारिक जीवन, वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं. 

आइये जानते हैं चैत्र नवरात्री के समय क्या क्या सावधानी रखना चाहिए :

  1. किसी का दिल न तोड़े, किसी की बददुआ मत लीजिये.
  2. किसी भी महिला का अपमान मत कीजिये.
  3. अगर आप सात्विक साधना कर रहे हैं तो मांसाहार न करे, अल्कोहल न ले और किसी भी प्रकार का नशा न करे.
  4. देर रात किसी पार्टी में न जाएँ.
  5. सड़क पर पड़े किसी उतारे के ऊपर से न जाए. 
  6. मैथून न करे इन 9 रातो में.
  7. किसी भी प्रकार के काले जादू का प्रयोग न करे और न करने के लिए किसी को प्रेरित करे.
  8. किसी भी शक्ति का किसी के हानि के लिए प्रयोग न करे.
हम साधना द्वारा अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, स्वस्थ, संपन्न जीवन जी सकते हैं, बाधाओं को दूर कर सकते हैं. तो करे साधना इस चैत्र नवरात्र में.

अतः बिना समय गंवाए सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य अनुसार पूजन, पाठ , भजन साधना करना चाहिए. 
सभी को JYOTISHSANSAR.COM की तरफ से शुभकामनाये.


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