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Jyotish Lesson 1 In Hindi

||श्री गणेशाय नमः ||ॐ गुरु ॐ ||
ऐसा कहा जाता है की ज्योतिष वेदों की आँखे है इसी कारन इस विषय का बहुत महत्त्व है. वैदिक ज्योतिष भारतीय संस्कृति का एक मुख्य भाग है. ज्योतिष द्वारा हम हमारे जीवन मे पड़ रहे ग्रहों के प्रभावों को जान सकते हैं, हम अपने जीवन के बारे मे अनेक बातो को जान सकते हैं.
ज्योतिष सीखिए भाग १, कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारियां ज्योतिष के बारे मे, कैसे मार्गदर्शन ले अच्छे ज्योतिष से.
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आज के युग मे ज्योतिशो की एक फ़ौज सी कड़ी हो गई है पुरे विश्व मे परन्तु इसे सीखना इतना भी सरल नहीं है जितना की ये दीखता है. सिर्फ वही ज्योतिष सही मार्ग दिखा सकता है जिसके पास अच्छा अनुभव हो और जिसे इस विषय का गहराई से अनुभव हो. आज के युग मे लोग इसे सिर्फ धन कमाने के लिए सीख रहे हैं और इसिलिये ज्यादा गहराई से नहीं जान पाते हैं. न ही वो खुद इस विद्या का लाभ ले पाते हैं और न ही दुसरे इससे लाभान्वित हो पाते हैं.

इसी कारण लोगो का विश्वास इससे हट रहा है. ज्योतिष एक पवित्र विषय है और अगर इसे सही तरीके से प्रयोग मे लिया जाए तो कोई भी सुख और शांति से जीवन जी सकता है. हमारे जीवन के हर पहलु पर ग्रहों का प्रभाव होता है इसिलिये ज्योतिष के बिना हम जीवन की नहीं कर सकते हैं.

आज के तारीख मे एक और अजीब सा दृश्य नजर आ रहा है की आज लोग ज्योतिष से संपर्क काले जादू के लिए करते हैं, वशीकरण प्रयोग के लिए करते हैं, गलत प्रयोगो को करवाने हेतु करते है जो की ज्योतिष का विषय नहीं है, इन सब से समाज मे एक गलत धारणा फ़ैल रही है.

ज्योतिष के सही स्तेमाल को समझना चाहिए तभी इस विषय का सही लाभ उठाया जा सकता है
इस ब्लॉग मे हम ज्योतिष को सही तरीके से समझने का प्रयास करेंगे.

आइये अब जानते हैं कुछ ज्योतिष को:
वैद भारतीय संस्कृति की आत्मा है, हर क्रिया के पीछे एक विज्ञान होता है और इसका वर्णन वेदों मे मिलता है. पूरा ज्योतिष वेदों के नेत्र कहलाते हैं, इसके माध्यम से हम भूत, वर्त्तमान और भविष्य के बारे मे बहुत कुछ जान सकते हैं. ज्योतिष के द्वारा जीवन मे सही निर्णय लेने मे मदद मिलती है.

भारतीय ज्योतिष के ३ भाग है :
  1. सिद्धांत- इसमे ग्रहों, सितारों और गणित का वर्णन है. 
  2. संहिता – इसमे सितारों , ग्रहों का धरती पर क्या असर होता है, इसका वर्णन है, इसमे गणित नहीं है.
  3. होरा – इसमे भाविस्यवानी, महुरत, प्रश्न काल आदि का वर्णन मिलता है. 

जिनको इन सभी का ज्ञान हो वही पूर्ण ज्योतिष कहलाता है. आज कोई सिद्धांत के जानकार मिलते हैं , कोई संहिता के और कई होरा के जानकार मिलते हैं.

जो लोग ज्योतिष सीखना चाहते हैं उनमे पवित्रता, धैर्य, होना आवश्यक होता है. जो लोग कुटिल होते हैं, हमेशा जल्दी मे रहते हैं, धोखा देने की प्रवृत्ति रखते हैं, उनके लिए ये विषय ठीक नहीं है.

ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है की कलयुग मे लोग धोखेबाजो द्वारा लुट रहे है. अतः ज्योतिष का थोडा ज्ञान होना जरुरी है जिससे की धोखो से बचा जा सके.

हालांकि एक सही ज्योतिष को ढूँढना बहुत मुश्किल है परन्तु फिर भी नामुमकिन नहीं है, कुछ लोग लगातार इस विषय मे कार्य कर रहे हैं.
“जहा चाह होती है वहां राह होती है”

एक सही ज्योतिष से कैसे मर्दर्शन लेना चाहिए ?


अगर ज्योतिष से मार्गदर्शन लेना ही है तो सबसे पहले उस विषय पर भरोसा होना चाहिए. उसके बाद सही व्यक्ति को ढूँढना चाहिए और फिर उनसे सही मार्गदर्शन हेतु प्रार्थना करना चाहिए. ये भी जरुरी है की मार्गदर्शक को दक्षिणा और भेट देकर उन्हें प्रसन्न किया जाए.

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