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kya kare shivratri mai क्या करे शिवरात्रि को

kya kare shivratri mai क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिवरात्रि को पूजा, कहा करे शिवरात्रि मे पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान शिवरात्रि मे. 
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शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार, साधनाओ को करने हेतु शिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. अगर को भौतिक इच्छाओं को पूरी करना चाहता है तो भी शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण मानी गई है. 

अगर पुरे विश्वास और श्रद्धा से शिवरात्रि को साधना की जाती है तो निश्चय ही सफलता कदम चूमती है. साधारणतः हमे किसी भी साधना को करने हेतु विशेष समय की जरुरत होती है. परन्तु शिवरात्रि तंत्र की दृष्टि से भी एक प्रबल रात्रि मानी गई है जब किसी भी प्रकार की साधना को किया जा सकता है. हिन्दू ग्रंथो मे भी इस विषय पर बहुत कुछ उल्लेख मिलता है जिससे इस रात्रि का महत्त्व पता चलता है. 

काश्मीर शैवैस्म मे उल्लेख है की पूरा विश्व भगवान् शिव का ही प्रकटीकरण है, इस विश्व मे ऐसा कुछ नहीं जो शिव नहीं. 

शिवरात्रि को शिव की कृपा का अनुभव हर भक्त कर सकता है. इस दिन और रात्रि को पुरे विश्व मे शिव भक्त शिव पूजा मे लगे रहते हैं जिससे की वातावरण शिवमय हो जाता है. शिवजी का मंदिर साधारणतः हर जगह पाया जाता है. 

आइये जानते है शिवरात्रि की महिमा :
इस दिव्य और शक्तिशाली रात्रि को विभिन्न प्रकार के पूजाए की जाती है ग्रह दोषों और नकारात्मक उर्जाव से सुरक्षा हेतु. कई प्रकार के समाधान आसानी से इस रात्रि को हो जाते हैं. 
१. अगर कुंडली मे कालसर्प दोष हो तो इस रात्रि को समाधान हेतु पूजा होती है. 
२. ग्रहण योग का समाधान भी शिवरात्रि को किया जा सकता है. 
३. नकारात्मक उर्जाव से सुरक्षा हेतु भी शिवरात्रि को पूजाए होती है. 
४. तंत्र सिद्धि हेतु भी ये रात्रि उपयुक्त है. 
५. अध्यात्मिक साधक भी इस रात्रि को शिव की कृपा प्राप्त करते हैं. 
६. रोगों से छुटकारे हेतु भी इस दिन पूजा की जा सकती है. 
७. ग्रह दोषों से छुटकारे हेतु भी शिवरात्रि शुभ होती है. 
८. काले जादू से बचाव हेतु भी इस दिन उपाय किये जा सकते हैं. 
९. विवाह समस्याओं का समाधान हेतु भी इस रात्रि को पूजा होती है. 

सिद्धि हेतु शुभ और शक्तिशाली रात्रि :
इस रात्रि को सिद्धि हेतु साधना की जाती है अतः जो लोग मंत्र सिद्धि , तंत्र सिद्धि करना चाहते है वो इस रात्रि को गुरु के सानिध्य मे साधना करते हैं. इसमे कोई शक नहीं की गुरु और शिव कृपा से सिद्धि अवश्य मिलती है. 

कुछ सावधानियां जो की शिवरात्रि को रखनी चाहिए :
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ये रात्री साधना के लिए है और इस दिन और रात को लोग विभिन्न प्रकार की पूजाएँ, टोटके आदि करते हैं अतः कुछ सावधानियां रखनी चाहिए. जहा लोग सबकी भलाई के लिए प्रयोग करते हैं वही कुछ नकारात्मक विचारधारा के लोग गलत प्रयोग करने से भी नहीं चुकते हैं. अतः सावधानी ही सुरक्षा है. 
१. अगर कुंडली मे ग्रहों की स्थिति कमजोर है तो घर से इस रात्रि को नहीं निकलना चाहिए और शिव-आराधना करनी चाहिए. 
२. अगर कुंडली मे ग्रहण योग हो किसी प्रकार का तो भी इस रात्रि को भटकना नहीं चाहिए. 
३. अगर कुंडली मे अंगारक योग हो तो भी इस रात्री को पूजा पाठ मे समय बिताना चाहिए. 
४. इस रात्रि को मांस – मदीरा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. 
५. इस दिन सेक्स भी नहीं करना चाहिए. 
६. अगर आपके शत्रु अधिक है तो इस रात्रि को घुमने के  बजाय शिव आराधना करना चाहिए. 
७. किसी भी हालत मे काले जादू का सहारा नहीं लेना चाहिए अन्यथा भोगना होता है. 

शिवरात्रि एक पवित्र रात्रि है जब की कोई भी शिव कृपा प्राप्त करने हेतु साधना कर सकता है. इस रात्रि को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए. 

अपनी सफलता हेतु शिव पूजा करे, अपने पूर्वजो की उन्नति हेतु शिव आराधना करे, अपने परिवार के कल्याण हेतु प्रार्थना करे. 

ऐसा माना जाता है की शिवजी को प्रसन्न करना आसान है , वो बहुत भोले होते हैं अतः जो भी उन्हें ह्रदय से पुकारता है , वो उनकी अवश्य सुनते हैं. 

“ॐ नमः शिवाय ”मंत्र के द्वारा आसानी से उनका स्मरण किया जा सकता है. जीवन मे शुभता लाने हेतु ये मंत्र ही काफी है. 

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