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Pitru Shanti Ke liye Mahalaya Ka Mahattw in Hindi

पितृ शांति के लिए महालया का महत्तव, 2015 का पितृ पक्ष क्यों महत्त्वपूर्ण है, पितृ पक्ष और ज्योतिष, पितृ शांति के उपाय 
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दिवंगत आत्माओं से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक विशेष अवसर होता है जिसे की महालय कहते हैं, पितृ पक्ष कहते हैं, श्राद्ध पक्ष कहते हैं. इस समय हम जीवन में स्वास्थ्य, सम्पन्नता को लाने के लिए आसानी से सफल अनुष्ठान कर सकते हैं. पितृ पक्ष में आत्माओं की शांति , उन्नति हेतु बड़े से बड़ा अनुष्ठान कर सकते हैं, ये 16 दिन विशेष होते हैं पूर्वजो की पूजा आराधना के लिए.

हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार पितर लोक का भी अस्तित्व माना गया है जहा पर हमारे पितर गण निवास करते हैं , वहाँ पर उनकी स्थिति उनके खुद के कर्मो और हमारे द्वारा किये गए अनुष्ठानो पर निर्भर करता है. 

ऐसी भी मान्यता है की इन 16 दिनों में पितर गण पितर लोग से धरती पर आवागमन के लिए मुक्त होते हैं 24 घंटे, अतः ऐसे में इनसे आशीर्वाद प्राप्त करना आसान होता है. 

कर्म काण्डों में “तर्पण प्रयोग” सबसे महत्त्वपूर्ण माना जाता है पितरो का आशीर्वाद लेने के लिए. इसके अंतर्गत कुछ विशेष सामग्रियों से रोज तर्पण किया जाता है अर्थात जल छोड़ा जाता है मंत्रो का उछारण करते हुए.

महालया/पितृ पक्ष/ श्राद्ध पक्ष का समय:
ये महत्त्वपूर्ण समय शुरू होता है गणेशोत्सव के बाद अर्थात भाद्रपद पूर्णिमा को. गणेश जी से आशीर्वाद लेने के बाद पितरो को प्रसन्न करने का समय होता है जिससे की जीवन समृद्धशाली बन जाता है.

आइये जानते हैं की पितरो के श्राप से क्या होता है?

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से कुंडली में पितृ दोष दुर्भाग्य को जन्म देता है और जातक को संघर्ष करना पड़ता है, सफलता आसानी से नहीं मिलती है और कई बार तो मिलती ही नहीं है. हर क्षेत्र में कोई न कोई अड़चन परेशान करती रहती है. जीवन नरक जैसा बन जाता है. अतः ये जरुरी हो जाता है की किसी अच्छे ज्योतिष से संपर्क करके सही प्रयोग किया जाए. 

अगर मन से पूर्ण विश्वास से पूजन किया जाये तो व्यक्तिगत जीवन की समस्याएं कम हो सकती है, काम-काजी जीवन की समस्याएं कम हो सकती है, स्वस्थ्य ठीक हो सकता है, पढ़ाई-लिखाई की समस्याएं कम हो सकती है, लव लाइफ में सफलता मिल सकती है. 

अतः पितृ पक्ष में जरुर से ह्रदय से, पूर्ण विश्वास से पूजा आराधना करे और प्रार्थना करे पितरो से सफलता के लिए. 

आइये जानते हैं की २०१५ के पितृ पक्ष का ज्योतिषीय महत्तव :

इस साल २०१५ में 28 सितम्बर से 12 October तक महालय का समय रहेगा जब हम सभी पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रयोग कर सकते हैं. 
ग्रहों की चाल को देखे तो अच्छे योग का निर्माण हो रहा है जो की साधको और जन साधारण के लिए साधना के लिए शुभ योग बना रहा है. 
बुधादित्य योग का निर्माण होगा साथ ही गुरु और मंगल भी अपने मित्र राशि में रहेंगे जिससे की साधना के लिए बहुत अच्छा समय होगा. लोग अपनी पूजा पाठ का श्रेष्ठ फल पा सकते हैं. 
हालांकि ग्रहण योग भी बनेगा जिससे की कुछ हानि के भी संकेत बनते हैं, परन्तु फिर भी पितरो की कृपा से सफलता के रास्ते जरुर खुलेंगे. ऐसे में रोज तर्पण करना न भूलें.

jyotishsansar.com आप सभी के लिए मंगल कामना करता है. 

सभी को पितरो का आशीर्वाद प्राप्त हो और सभी स्वस्थ और संपन्न हो. 

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